आजमगढ़। जिला कारागार के बैंक खाते से करीब नौ माह में 52 लाख 85 हजार रुपये गायब होने के मामले में आरोपी द्वारा अपराध जगत से अर्जित दो बाइकों को कुर्क कर दिया। 

गौरतलब है कि  बीते नौ अक्टूबर को जिला कारागार के वरिष्ठ सहायक व लेखा प्रभारी मुशीर अहमद से बीएचयू, वाराणसी में उपचार के लिए भेजी गई धनराशि के शेष विवरण की जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद जब केनरा बैंक, कोतवाली शाखा से खाता विवरण निकाला गया, तो 52,85,000 की संदिग्ध निकासी का मामला सामने आया। यह धनराशि पूर्व बंदी रामजीत यादव उर्फ संजय निवासी ग्राम जमुआ सागर, थाना बिलरियागंज के खाते में स्थानांतरित की गई थी। 

रामजीत 20 मई 2024 को सजा पूरी कर जेल से रिहा हो चुका था। उसने जेल में रहते हुए अपने साथी बंदी शिवशंकर यादव उर्फ गोरख निवासी ग्राम चकमेउवां, थाना रानी की सराय के साथ इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने की योजना बनाई। शिवशंकर जेल में लेखा कार्यालय में राइटर के रूप में कार्यरत था।  दोनों ने मिलकर जेल के कर्मचारी मुशीर अहमद और अवधेश कुमार पांडेय, दोनों की मिलीभगत से जेल अधीक्षक की चेकबुक चुराई और फर्जी हस्ताक्षर व मोहर तैयार कर करोड़ों रुपये निकालने की साजिश रची।

इस मामले में जेल अधीक्षक आदित्य कुमार की तहरीर पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिसमे चार अभियुक्तों  रामजीत यादव, मुशीर अहमद, शिवशंकर पांडेय और अवधेश पांडेय को बीते 12 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था।

विवेचना के दौरान पता चला कि अभियुक्त रामजीत यादव ने 23 जनवरी 2025 से 22 सितंबर 2025 के बीच कुल ₹52,85,000/- का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया। इस दौरान उसने जिला कारागार के पदेन सरकारी खाते (केनरा बैंक) से संबंधित चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर कर धन अपने खातों में ट्रांसफर किया। अवैध धन का इस्तेमाल कर आरोपी ने दो मोटरसाइकिलें खरीदी आरोपी ने मामले में कोई संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। 

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने विवेचक दल प्रताप सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए यह निष्कर्ष दिया कि दोनों मोटरसाइकिलें अपराध से अर्जित आय से खरीदी गई हैं। न्यायालय ने दोनों वाहनों को कुर्क करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुपालन में आज बंदी रामजीत यादव की दो बाइकों को डुगडुगी बजाकर कुर्क कर दिया गया।