आजमगढ़ । उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बुधवार को सर्किट हाउस आजमगढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश की लगभग 7717 गोशालाओं में 12 लाख 58 हजार गोवंश संरक्षित हैं। इन गोशालाओं को प्रशिक्षण केन्द्रों के रूप में विकसित कर प्राकृतिक कृषि, बायोगैस ऊर्जा और पंचगव्य उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों व युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिल सके।
उन्होंने बताया कि मण्डल स्तर पर गो आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। चारागाह भूमि को कब्जे से मुक्त कराकर चारा उत्पादन में उपयोग लाया जाएगा। आईजीएफआरआई झांसी के माध्यम से बहुवर्षीय और मौसमी चारे का उत्पादन व प्रशिक्षण कराया जाएगा। गोशालाओं में नीम, पीपल, सहजन जैसे छायादार वृक्ष लगाए जाएंगे। सीमावर्ती जनपदों में गो-तस्करी रोकने हेतु एडीजी स्तर और जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि गोशालाओं को स्वावलंबी बनाने, वास्तविक गो गणना का सत्यापन, गोमूत्र व गोबर आधारित इकाइयों की स्थापना तथा बायोगैस प्लांट का विस्तार किया जाएगा। किसानों को गोपालन हेतु प्रेरित करने के अभियान चलेंगे और मॉडल किसानों के नवाचारों को अपनाने के लिए स्थलीय यात्राएं कराई जाएंगी। पंचगव्य उत्पादों व प्राकृतिक खेती से जुड़े कार्यों में युवाओं व महिला समूहों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत पक्का कैटल शेड व गोमूत्र टैंक का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के अंतर्गत यदि किसान गोवंश पालता है तो उसे प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन की दर से अधिकतम 6000 रुपये मासिक सहायता मिलेगी। वृहद गोसंरक्षण केन्द्र व अस्थायी आश्रय स्थल का संचालन एफपीओ, किसान संगठन और स्वयंसेवी संस्थाएं एमओयू के तहत कर सकेंगी।
अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नेशनल मिशन फॉर नेचुरल फार्मिंग से क्लस्टर आधारित रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में 3 करोड़ कृषक परिवार और लगभग 177.83 लाख गोवंश हैं। यदि प्रत्येक कृषक परिवार के पास एक गोवंश हो, तो 1.10 करोड़ अतिरिक्त गोवंश की आवश्यकता होगी, जिससे प्राकृतिक खेती और गोसंरक्षण दोनों को बल मिलेगा। गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किया जाएगा। गोसेवा केवल दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक जागरण का आंदोलन बनेगा।
इस अवसर पर आयोग के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह, महेश कुमार शुक्ला व सदस्यगण सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
