आजमगढ़। जनपद में विकास योजनाओं की समीक्षा को लेकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज योजनाओं की प्रगति, वित्तीय पारदर्शिता और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का सशक्त क्रियान्वयन रहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने बी, सी, डी और ई ग्रेड में चल रहे विभागों की तीखी समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि खराब प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को अपनी प्रगति में तेजी लाने तथा समस्याओं को समय रहते निस्तारित करने के सख्त निर्देश दिए।
लापरवाही पर तीन सचिवों को तत्काल निलंबन
बैठक के दौरान गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप में तीन ग्राम पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। जिनमे अवधेश कुमार सिंह, सचिव विकासखंड लालगंज द्वारा शून्य व्यय किए जाने पर,शैलेन्द्र, सचिव फूलपुर पर 4 लाख की जगह 24 लाख की धनराशि रिसीव करने का आरोप, संजय कुमार, सचिव पवई पर 1.10 लाख के स्थान पर 11 लाख की धनराशि प्राप्त करने का आरोप है। इन मामलों को गंभीर वित्तीय अनुशासनहीनता मानते हुए जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की।
पीएम सूर्य घर और ओडीओपी योजनाओं को तेजी से लागू करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने नेडा के परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया कि “पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत जहां से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, वहां वेंडरों को निर्देशित कर त्वरित लाभ वितरण कराया जाए।
उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया कि ओडीओपी योजना के लंबित आवेदनों का बैंकवार विवरण बनाएं, लाभार्थियों से बैठक कर उनकी समस्या समझें और शीघ्र समाधान करें। इस योजना के लाभ और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की तुलना वाला पंपलेट भी तैयार करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, जल निगम ग्रामीण को हर घर नल योजना की प्रगति में तेजी लाने और रैंकिंग सुधारने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा गया कि 15वें वित्त और 5वें वित्त आयोग के तहत सबसे कम खर्च करने वाली ग्राम पंचायतों की सूची तैयार करें ताकि ब्लॉकवार निगरानी की जा सके।
अनारंभ परियोजनाओं पर तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश
बैठक में खुलासा हुआ कि जनपद की 27 विकास परियोजनाओं पर कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आयुष, पर्यटन, गृह, समाज कल्याण, नगर विकास सहित कई विभागों की परियोजनाएं शामिल हैं।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 7 परियोजनाएं जिनमें तकनीकी या कानूनी बाधाएं हैं, उन्हें छोड़कर बाकी 20 पर तत्काल कार्य शुरू होना चाहिए।
50 करोड़ से ऊपर की 4 बड़ी परियोजनाओं को भी वर्षा के बाद तत्काल प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। गोलाघाट पर सेतु निगम का कार्य वर्षा उपरांत शुरू किया जाएगा।जनपद में पूर्ण हो चुकी 17 परियोजनाएं अभी तक संबंधित विभागों को हस्तांतरित नहीं हुई हैं। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि 15 दिनों में छोटी-मोटी कमियों को दूर कर सभी परियोजनाओं को विभागों को सुपुर्द करें।
आईजीआरएस शिकायतों में गुणवत्ता और जवाबदेही
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस की शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रतिदिन रेंडम वेरिफिकेशन मोबाइल फोन द्वारा करें। साथ ही प्रतिदिन 10:30 बजे तक कार्यालय उपस्थिति की एंट्री और फील्ड विजिट रजिस्टर का अद्यतन अनिवार्य किया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जिन विभागों को A+ या A ग्रेड मिला है, वे इसे बनाए रखें और जो B, C, D, या E ग्रेड में हैं, वे जल्द प्रगति करें। किसी प्रकार की बाधा आने पर तत्काल जिलाधिकारी को अवगत कराया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, डीसी मनरेगा, एलडीएम, पीडब्ल्यूडी समेत सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
