आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शासन एवं भूगर्भ जल विभाग के निर्देशानुसार “भूजल सप्ताह-2025” का आयोजन जनपद में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना द्वारा आजमगढ़ में जल रथ को हरी झंडी दिखाकर जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को गिरते भूजल स्तर के प्रति जागरूक करना और इसके संरक्षण के प्रति संकल्पबद्ध करना है।
इस अवसर पर नगर क्षेत्र के कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय, हाईडिल सिधारी में भी एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या की अध्यक्षता में हुए इस आयोजन में छात्रों को भूजल की स्थिति, संकट की गंभीरता और इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छात्रों को बताया गया कि जल की एक-एक बूंद कीमती है। अगर अभी से सतर्कता नहीं बरती गई, तो आने वाली पीढ़ियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। छात्रों को दैनिक जीवन में अपनाई जा सकने वाली जल संरक्षण की सरल तकनीकों से अवगत कराया गया—जैसे नल को खुला न छोड़ना, वर्षा जल का संचयन करना, रीसाइक्लिंग का प्रयोग, और पौधरोपण करना।
“जल सुरक्षित तो कल सुरक्षित” की भावना को आत्मसात करते हुए छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे न केवल स्वयं इस विषय में जागरूक बनें, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करें। भूगर्भ जल विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जल संकट के कारणों और इसके वैज्ञानिक समाधान पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षकगण, भूगर्भ जल विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बच्चों को यह संकल्प दिलाया कि वे जल के संरक्षण हेतु हर संभव प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा अन्य प्रतिभागियों को “जल बचाओ – जीवन बचाओ” का संदेश देते हुए भूजल के संरक्षण एवं संचयन के लिए शपथ दिलाई गई।
