रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर शनिवार को अतरौलिया स्थित डाकबंगले पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल में महिलाओं पर अत्याचार को लेकर दिए बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि किसी राज्य में अन्याय हो तो प्रधानमंत्री का दायित्व है कि वह देश को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों को शरण देकर वहां की सरकार केवल उनका वोट इस्तेमाल करती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर धर्म और हर व्यक्ति की रक्षा की बात कही है, जो कि संविधान सम्मत है। वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष पर तंज कसते हुए बोले कि शायद उनके चश्मे में सच्चाई नजर नहीं आती। यूपी में पहले दंगे और कर्फ्यू आम थे, लेकिन अब मोदी और योगी सरकार ने उस पर लगाम लगाई है।

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा के बयान पर राजभर ने कहा कि ईडी और सीबीआई स्वतंत्र एजेंसियां हैं, सरकार इनसे निर्देशित नहीं करती, वे न्यायालय के आदेश पर कार्य करती हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की हिंदी को लेकर की गई टिप्पणी को राजभर ने निंदनीय बताया और कहा कि यह देश संविधान से चलता है जिसमें सभी धर्मों को पूजा और सम्मान के साथ रहने का अधिकार है।

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर राज ठाकरे के बयान पर उन्होंने करारा जवाब देते हुए कहा कि अगर उत्तर भारतीय महाराष्ट्र छोड़ दें तो वहां खाना भी मुश्किल हो जाएगा। योगी आदित्यनाथ की नीति का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि वे संविधान के दायरे में रहकर त्योहारों को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने का काम कर रहे हैं।

छांगुर बाबा पर तीखा हमला बोलते हुए राजभर ने कहा कि ऐसे लोग देश के लिए कैंसर हैं जो विदेशी फंडिंग से भारत में गलत काम कर रहे हैं, इन्हें आजीवन जेल में डाला जाना चाहिए। वहीं चीन द्वारा आतंकवाद के विरोध में दिए बयान पर उन्होंने कहा कि यह दुनिया के लिए शुभ संकेत है और आतंकवाद का विरोध हर देश को करना चाहिए।