आजमगढ़। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी  राजीव पाठक ने विशेष सचिव के निर्देश पर गुरुवार सुबह कोयलसा व महराजगंज ब्लाक क्षेत्र में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्कूलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं – कहीं बिना मान्यता के पढ़ाई हो रही थी, तो कहीं न सुरक्षा मानक थे और न ही प्रशिक्षित शिक्षक। बीएसए ने ऐसे सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए और बच्चों को नजदीकी मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिल कराने को कहा।

कोयलसा ब्लाक के देउरपुर बाजार में संचालित एसआरपी पब्लिक स्कूल में नर्सरी से कक्षा 5 तक 150 से ज्यादा बच्चे पढ़ते मिले, जबकि स्कूल के पास कोई मान्यता नहीं थी। अव्यवस्था, असुरक्षित भवन और योग्य शिक्षकों की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर बीएसए ने प्रबंधक विपुल वर्मा को फटकार लगाते हुए विद्यालय तत्काल बंद करने का निर्देश दिया। इसी तरह मदर शारदा कॉन्वेंट स्कूल और हँसेपुर सरैया इंग्लिश मीडियम स्कूल में भी 190 से अधिक बच्चे बिना मान्यता व आवश्यक संसाधनों के पढ़ रहे थे। बीएसए ने प्रबंधक आशुतोष चौबे को निर्देशित किया कि जब तक मान्यता नहीं मिलती, तब तक स्कूल संचालन पूर्णतः बंद रखा जाए।

महराजगंज ब्लाक क्षेत्र का नवीन ज्ञान भाष्कर शिक्षण सेवा संस्थान, उसूरपुढवा, केवल कक्षा 1 से 5 तक की मान्यता प्राप्त है, लेकिन यहां नर्सरी से लेकर 10वीं तक की पढ़ाई कराई जा रही थी। कक्षा 6 से 10 तक के 350 से अधिक बच्चे बिना मान्यता के पढ़ रहे थे। बीएसए ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई और अतिरिक्त कक्षाओं को तत्काल बंद करने का सख्त आदेश दिया। वहीं महराजगंज चौराहे पर स्थित लाल बहादुर शास्त्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय की स्थिति और भी चिंताजनक थी। यह विद्यालय टिन शेड में संचालित था, जहां न पंखे थे, न बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था। गर्मी से बेहाल 450 से अधिक छात्र बिना प्रशिक्षित शिक्षकों के डर में पढ़ने को मजबूर थे। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय तुरंत बंद कराने का निर्देश दिया और कहा कि अनुपालन न होने पर कठोर कार्रवाई तय है।

निरीक्षण के अंत में बीएसए राजीव पाठक ने सभी स्कूल संचालकों को दो टूक संदेश दिया कि बिना मान्यता के एक भी कक्षा संचालित नहीं होनी चाहिए। योग्य शिक्षक, सुरक्षा मानक और आधारभूत संरचना हर स्कूल के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आगे किसी भी विद्यालय में इस प्रकार की अनियमितता पाई गई तो बेसिक शिक्षा विभाग सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। सभी निरीक्षणों की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है, जिसके आधार पर आगे प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे।