आजमगढ़। जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों के विकास को नई गति देने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने 160 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 120 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए 40 लाख रुपये की धनराशि मंजूर की गई है। यह राशि यूपी शासन से प्राप्त क्रिटिकल गैप योजना के अंतर्गत पूंजीगत विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।

Ad

जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए कुल 18 विकास परियोजनाओं के लिए प्रस्ताव बनाए गए हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 111.46 लाख रुपये है। ये कार्य खास तौर पर केजीबीवी (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय) स्कूल परिसरों में मूलभूत सुविधाओं जैसे इंटरलॉकिंग, जल निकासी, हाईमास्ट लाइट, कंप्यूटर कक्ष और फर्श निर्माण के लिए होंगे।

इन ब्लॉकों में होंगे विकास कार्य

इन परियोजनाओं के तहत तरवां ब्लॉक के केजीबीवी में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के लिए 8.80 लाख रुपये, पल्हनी में पटिया व नाली के लिए 4.08 लाख, महाराजगंज में नाली निर्माण हेतु 5.96 लाख, जहानागंज में मुख्य गेट से विद्यालय तक इंटरलॉकिंग और नाली के लिए 4.70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसी तरह हरैया में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण के लिए 5.28 लाख, बिलरियागंज में इंटरलॉकिंग और फर्श निर्माण के लिए 6.39 लाख, अतरौलिया में कंप्यूटर कक्ष और हाईमास्ट लाइट के लिए 9.75 लाख, पल्हना में नाली और फर्श निर्माण के लिए 4.74 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।

इसके अतिरिक्त अहिरौला में नाली निर्माण के लिए 3.72 लाख, लालगंज में हाईमास्ट लाइट के लिए 5.16 लाख, मेंहनगर में नाली, हैंडवॉश यूनिट और इंटरलॉकिंग के लिए 7.73 लाख, ठेकमा में नाली निर्माण के लिए 9.47 लाख और मुहम्मदपुर में हाईमास्ट लाइट व हैंडवॉश के लिए 5.28 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।

अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की भी मिली स्वीकृति

रानी की सराय में इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण हेतु 5.32 लाख, सठियांव में इंटरलॉकिंग, हाईमास्ट लाइट और नाली के ढक्कन के लिए 9.95 लाख, कोयलसा में मुख्य गेट से भवन तक इंटरलॉकिंग और लाइट के लिए 9.97 लाख, लालगंज के चन्देवरा गांव में हाईमास्ट लाइट के लिए 5.16 लाख और जीयनपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में खगोल विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 48.54 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

50% कार्य पर ही मिलेगी शेष राशि

जिलाधिकारी ने कुल 111.46 लाख रुपये की पहली किश्त कार्यदायी संस्था को जारी कर दी गई है। कार्य की प्रगति का मूल्यांकन 50 प्रतिशत काम होने के बाद किया जाएगा। इसके बाद ही शेष 50 प्रतिशत राशि जारी की जाएगी। इसके लिए जरूरी होगा कि जिला स्तर पर गठित समिति कार्य की गुणवत्ता की जांच करे और उपयोगिता प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं।

शहरी क्षेत्र के लिए बची है 40 लाख की राशि

जिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की सारी राशि आवंटित कर दी गई है, जबकि शहरी क्षेत्र में अभी 40 लाख रुपये की राशि शेष है, जिसे जरूरत के अनुसार आगामी कार्यों में उपयोग किया जाएगा।