रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़।साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम द्वारा एक PoS एजेंट (सिम विक्रेता) को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से कुल 06 जियो सिम कार्ड बरामद हुए, जिनमें एक प्री-एक्टिवेटेड था।
प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना देवेन्द्र प्रताप सिंह की टीम में उ0नि0 योगेन्द्र प्रसाद यादव तथा हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश जायसवाल, सुखनन्दन सिंह यादव, कांस्टेबल रामाश्रय यादव, सभाजीत मौर्य व संजय कुमार शामिल थे। टीम जब थाने पर मौजूद थी, तभी साइबर सेल के हे0का0 ओमप्रकाश जायसवाल ने सूचना दी कि कस्बा मेहनगर के जियो स्टोर से फर्जी तरीके से सिम बेचे जा रहे हैं।
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद मिला। आस-पास के लोगों से पूछताछ करने पर पता चला कि दुकान साहिल कुमार पुत्र रमेश प्रसाद निवासी धरनीपुर, रानीपुर थाना मेहनगर द्वारा संचालित की जाती है। थोड़ी देर में संदीप कुमार नामक व्यक्ति आया, जिसने खुद को साहिल का भाई बताया और दुकान खोली। उसने बताया कि साहिल फिलहाल दुकान पर नहीं है।
इसी दौरान पुलिस टीम कस्बे में जांच कर ही रही थी कि जरिए मुखबिर से सूचना मिली कि साहिल कुमार मेहनगर कस्बे के बाहर सिंचाई विभाग कार्यालय के पास किसी को सिम बेचने की फिराक में है। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक जियो एक्टिवेटेड सिम व 5 अनपैक्ड/अनएक्टिवेटेड सिम बरामद किए गए।
पूछताछ में साहिल कुमार ने बताया कि कई लोग फर्जी आईडी पर सिम की मांग करते हैं, जिसके बदले उसे 2–3 हजार रुपये मिल जाते हैं। वह ग्राहकों को नेटवर्क न आने का बहाना बनाकर बार-बार अंगूठा लगवाता है और अतिरिक्त सिम एक्टिवेट कर लेता है, जिसे बाद में बेच देता है। उसने बताया कि उसने कई सिम बेचे हैं, जिनमें से एक आशुतोष यादव, निवासी खेवसीपुर गांव, के नाम पर भी बेचा था। वर्तमान में जो सिम उसके पास है, वह विजय बहादुर नामकएक ग्रामीण के नाम पर एक्टिवेट किया गया है।
जनपदवासियों से नोडल अधिकारी साइबर क्राइम ने अपील किया कि
अपने आधार की सुरक्षा करें
कभी भी किसी अनजान व्यक्ति या दुकान को अपना आधार या अन्य पहचान पत्र की कॉपी देने से पहले उस पर दिनांक और प्रयोजन अवश्य लिखें। सिम जारी करते समय अगर दो बार अंगूठा मांगा जाए, तो सतर्क हो जाएं।
OTP साझा न करें
सिम एक्टिवेशन या वेरिफिकेशन के नाम पर कोई OTP मांगे तो तुरंत सावधान हो जाएं। यह साइबर ठगी हो सकती है।
अपने नाम पर जारी मोबाइल नंबरों की जांच करें
Sanchar Saathi पोर्टल पर जाकर पता करें कि आपके नाम पर कितने नंबर चल रहे हैं। कोई अनजान नंबर मिले तो तुरंत साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करें।
साइबर अपराध की शिकायत करें
हेल्पलाइन: 1930
वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in
