रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया, आज़मगढ़। जिले के अतरौलिया विधानसभा की राजनीति में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला जब कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रमेश चंद्र दूबे ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की सदस्यता ग्रहण की। यह आयोजन नगर के मनोज मैरिज हाल में आयोजित भव्य सदस्यता कार्यक्रम के तहत हुआ, जिसमें कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

मंत्री ओपी राजभर ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रमेश चंद्र दूबे को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उन्हें पार्टी की रीति-नीति से अवगत कराया। इस अवसर पर रमेश दूबे ने कहा की मुझे पार्टी द्वारा जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा। उन्होंने बताया कि वह ‘देवदूत वानर सेना’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अब तक 35 करोड़ रुपये आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं में सहायता स्वरूप खर्च कर चुके हैं और आगे भी सामाजिक कार्य करते रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपने संबोधन में कहा कि मैं आज़मगढ़ में सपा की गुंडई खत्म करने आया हूं। आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी के गढ़ को गड्ढा बना दूंगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गरीबों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और हम उसका लाभ जन-जन तक पहुंचाने को कृतसंकल्पित हैं। सरकार के पास धन की कमी नहीं है, बस कोई आकर अपनी समस्या बताए, उसकी हरसंभव मदद की जाएगी ,चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो। उन्होंने कहा कि रमेश दूबे जैसे होनहार व्यक्ति के पार्टी में आने से संगठन को मजबूती मिलेगी और समाज सेवा का क्षेत्र और विस्तारित होगा।

इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सत्येंद्र प्रताप सिंह ‘पिंटू’ ने भी सुभासपा की सदस्यता ली और कहा कि वह मंत्री ओमप्रकाश राजभर के विचारों से प्रभावित हैं और पूरी निष्ठा से समाजसेवा करेंगे। समाजसेवी सूर्य प्रकाश दूबे ने कार्यक्रम में आए सभी आगंतुकों का स्वागत किया और अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ सुभासपा में शामिल हुए।
इस ऐतिहासिक सदस्यता अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाजसेवी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से अजय अकेला, गणेश दत्त दूबे, अशोक चौबे, सर्वेश मिश्रा, पंकज चौबे, सौरभ द्विवेदी, दिनेश त्रिपाठी आदि ने भी पार्टी की सदस्यता ली। इस आयोजन के माध्यम से अतरौलिया में सुभासपा की सियासी पकड़ और जनाधार में बढ़त देखी गई, जो आगामी पंचायत और विधानसभा चुनावों के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।
