कविता में हिमांशु, गायन में कामेश्वर और भाषण में मोबिना ने मारी बाजी

आजमगढ़। राजभवन, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में 2 अगस्त से 15 अगस्त तक चल रहे हर घर तिरंगा-2025 कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर के सेमिनार हाल में कविता, भाषण एवं गायन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सूरज प्रकाश श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह के अनुसार कार्यक्रम का शुभारंभ अध्यक्ष, मुख्य अतिथि और संयोजक द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। विश्वविद्यालय की छात्रा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं प्राध्यापिकाएं डॉ. प्रियंका और डॉ. वैशाली ने विश्वविद्यालय का कुलगीत गाकर माहौल को आत्मीय बनाया। निर्णायक मंडल में कविता के लिए डॉ. पंकज सिंह एवं प्रो. हसीन, गायन के लिए शिवली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अफसर अली एवं प्रो. गीता सिंह, तथा भाषण के लिए बरदह पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार राय एवं प्रो. जगदंबा दुबे शामिल थे।

प्रतियोगिताओं की शुरुआत भाषण से हुई, जिसमें मोबिना खातून ने प्रथम स्थान, सृष्टि राय ने द्वितीय तथा सुषमा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कविता में हिमांशु प्रथम, श्रेया पांडे द्वितीय और आकांक्षा तृतीय रहीं। गायन में विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी कामेश्वर गिरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मोबिना खातून द्वितीय और रजनीकांत व वंदना संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल ने बताया कि सभी प्रतिभागियों का प्रदर्शन इतना उत्कृष्ट था कि निर्णय लेना कठिन हो गया।

मुख्य अतिथि सूरज प्रकाश श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी क्षेत्र चाहे वह कला हो, खेल हो या शिक्षा में सफलता की पहली शर्त अनुशासन है। अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने वाला व्यक्ति निश्चित ही सफलता प्राप्त करता है। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय अल्प समय में तीव्र प्रगति कर रहा है और इसमें कुलपति प्रो. संजीव कुमार का विशेष योगदान है। उन्होंने विश्वविद्यालय की प्रगति में हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।

कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि इतने कम समय में इतना शानदार आयोजन यहां के प्राध्यापकों के आपसी तालमेल का प्रमाण है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीत-हार मायने नहीं रखती, बल्कि प्रतिभागिता ही असली उपलब्धि है।

संयोजक प्रो. प्रशांत राय ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, विशेष रूप से निर्णायक मंडल के सदस्यों का, जिन्होंने व्यस्तता के बावजूद कार्यक्रम में समय दिया। कार्यक्रम में डॉ. घनश्याम, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. नितेश, डॉ. अग्रहरि, डॉ. शुक्ला, डॉ. देवेंद्र पांडे, कुलपति के निजी सहायक भूपेंद्र पांडे, प्रियांशु सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे। संचालन डॉ. प्रियंका सिंह एवं डॉ. निधि सिंह ने संयुक्त रूप से किया।