आज़मगढ़। नगर के  हरिऔध कला केन्द्र, आज़मगढ़ में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का क्रियान्वयन गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचे और आमजन की समस्याओं का त्वरित व सही समाधान हो। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों में कुछ लोग पूरी निष्ठा और लगन से काम करते हैं, कुछ औपचारिकता निभाते हैं, जबकि कुछ में बिल्कुल रुचि नहीं होती। ऐसे में जहां लापरवाहों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी होती है, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने विशेष रूप से मंच पर उपस्थित श्रीमती सुदर्शन कौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने 1947 के विभाजन की विभीषिका को अपनी आंखों से देखा था। ऐसे लोगों के अनुभव समाज के लिए प्रेरणा हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि आज जिन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है, वे न केवल अपने विभागीय कार्य में बल्कि समाज सेवा, खेल और अन्य क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि सम्मान पाने वालों का चयन एक विशेष समिति द्वारा निष्पक्ष और निःस्वार्थ भाव से किया गया। विभागों से तीन-तीन नाम मांगे गए थे, जिनमें से समिति ने सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति का चयन किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में मुख्यमंत्री के दो बड़े कार्यक्रम जनपद में आयोजित हुए, जिनमें कुछ अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी से ऊपर उठकर जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। ऐसे अधिकारियों को भी आज सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि कई लोग गांवों में बिना किसी प्रसिद्धि या लाभ की इच्छा के काम करते रहते हैं। ये लोग जनसेवा की सच्ची मिसाल हैं और इन्हें सामने लाना तथा सम्मानित करना समाज के लिए प्रेरणादायक है।

हर घर तिरंगा अभियान का आह्वान
जिलाधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं और आम जनता से अपील की कि ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम के तहत अपने मोबाइल पर उपलब्ध लिंक से तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करें। उन्होंने लोगों को प्रेरित करने पर जोर दिया, ताकि हर व्यक्ति तिरंगे के सम्मान में भाग ले सके। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए झंडे बीडीओ कार्यालयों में और नगरीय क्षेत्रों में नगर पालिका एवं नगर पंचायत कार्यालयों में उपलब्ध हैं। जिले में लगभग सात लाख परिवार हैं और पांच लाख झंडे पहले ही वितरित किए जा चुके हैं।

तिरंगे के सम्मान के नियम
जिलाधिकारी ने कहा कि घर पर तिरंगा पूरी श्रद्धा और गौरव के साथ लगाएं। यदि तिरंगा हवा के झोंके से गिर जाए, मटमैला हो जाए, या कहीं नीचे गिर जाए तो उसे उठाकर सम्मानपूर्वक घर में रखें। फ्लैग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार यदि झंडा अच्छी स्थिति में है तो उसे साफ करके अगले साल के लिए सुरक्षित रखें। अगर झंडा उपयोग योग्य नहीं है तो उसे पूरे आदर के साथ जला दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि तिरंगे का अपमान करने वाले वीडियो या फोटो किसी भी स्थिति में सोशल मीडिया पर अपलोड न करें।

अपने संबोधन के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि तिरंगा देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। हमें इसे सिर्फ स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर नहीं, बल्कि दिल में हमेशा स्थान देना चाहिए। उन्होंने सभी सम्मानित व्यक्तियों को शुभकामनाएं देते हुए उपस्थित जनसमूह को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई दी।