रिपोर्ट: आशीष निषाद
आज़मगढ़। ऑनलाइन गेम की लत ने एक और जिंदगी निगल ली। 12वीं कक्षा का छात्र सिद्धार्थ, जिसकी उम्र महज 18 वर्ष थी, ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से परिवार और आसपास के लोग गहरे सदमे में हैं। कमरे से एक पन्ने का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने ऑनलाइन गेम की आदत छोड़ने में असमर्थता और पैसे हार जाने का डर जाहिर किया है।
पुलिस के मुताबिक, छोटा भरवारा विकास विहार निवासी एमआर रवींद्र प्रताप सिंह मूल रूप से आजमगढ़ जिले के बहेरा गांव के रहने वाले हैं। उनका बेटा सिद्धार्थ आजमगढ़ से कक्षा 12 की पढ़ाई कर रहा था। इन दिनों वह लखनऊ स्थित घर पर था। मां कुछ दिनों पहले रिश्तेदारी में गई थीं, जबकि पिता रवींद्र घर पर ही थे।
बुधवार रात खाना खाने के बाद सिद्धार्थ अपने कमरे में सो गया। गुरुवार सुबह देर तक जब वह नहीं जागा तो पिता ने दरवाजा खोला। अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सिद्धार्थ फंदे से लटक रहा था। परिजन तुरंत उसे नीचे उतारकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
परिवार में उसकी दो छोटी बहनें हैं। घटना के बाद घर का माहौल शोक और सन्नाटे से भर गया है। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) बृजनारायण सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में छात्र ने साफ लिखा है कि वह गेमिंग की लत से परेशान था और चाहकर भी इसे छोड़ नहीं पा रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
