आज़मगढ़। शिक्षा के नाम पर मनमानी कर रहे कोचिंग संस्थानों पर अब लगाम कसने की तैयारी हो चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक उपेन्द्र कुमार ने बताया कि शिक्षा निदेशक (मा०) उत्तर प्रदेश द्वारा कोचिंग सेंटर रेगुलेशन 2024 के तहत नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसका पालन सभी कोचिंग संचालकों के लिए अनिवार्य होगा।
नई गाइडलाइन के अनुसार, कोचिंग संस्थान 16 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश नहीं कर पाएंगे। साथ ही अच्छे नम्बर या रैंक दिलाने की गारंटी जैसी भ्रामक सूचनाएं देने पर प्रतिबंध रहेगा। कोई भी संस्था ग्रेजुएट से कम योग्यता वाले शिक्षक नियुक्त नहीं कर सकेगी और न ही ऐसे व्यक्ति को नौकरी दी जा सकेगी जो नैतिक कदाचार से जुड़े अपराध में दोषी पाया गया हो।
इसके अलावा, हर कोचिंग में परामर्श प्रणाली होनी चाहिए। उनकी वेबसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, पाठ्यक्रम, फीस, छात्रावास सुविधा और कोर्स अवधि की स्पष्ट जानकारी अनिवार्य होगी। टेस्ट कराने से पहले उसके डिफिकल्टी लेवल की जानकारी विद्यार्थियों को देनी होगी तथा अन्य कैरियर विकल्पों के बारे में भी गाइड करना होगा। मानसिक स्वास्थ्य के लिए समय-समय पर वर्कशॉप और दिव्यांग विद्यार्थियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करना भी कोचिंग की जिम्मेदारी होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह भी निर्देश दिया कि केवल वही कोचिंग संचालित होंगी जिन्होंने विभाग से पंजीकरण कराया है और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया है। यदि कोई संस्था बिना पंजीकरण या गाइडलाइन का उल्लंघन करती पाई गई तो उस पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा और विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
