आज़मगढ़। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के पदाधिकारियों व शिक्षकों ने शनिवार को अपनी 22 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक डीआईओएस कार्यालय परिसर में धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्रीयमांगों का ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा ।
धरना को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष साकेत चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन बहाली है। इसके साथ ही चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 12, 18 और 21 की पूर्व व्यवस्थाओं को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतनमान दिया जाना चाहिए। तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, शत-प्रतिशत ऑनलाइन स्थानांतरण और भ्रष्टाचार रोकने के लिए सभी कार्यालयों में ई-फाइलिंग लागू होनी चाहिए। साथ ही शासनादेश के अनुसार प्रत्येक पटल पर अधिकतम तीन दिन में फाइलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साकेत चतुर्वेदी ने डीआईओएस कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अक्सर फाइलें महीनों तक पटलों पर लंबित रखी जाती हैं और केवल लेन-देन के बाद ही आगे बढ़ती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में डीआईओएस की मिलीभगत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यालय से लेकर डीआईओएस कार्यालय तक पारदर्शिता लानी है तो शिक्षकों को संगठित होकर आवाज उठानी होगी।
धरना सभा में बलवन्द श्रीवास्तव (कोषाध्यक्ष), ओमप्रकाश मिश्र (जिलाउपाध्यक्ष), नागेंद्र कुमार (जिलामंत्री), शैलेश राय (प्रांतीय मंत्री), सुनील कुमार राय (मंडल अध्यक्ष), दिनेश सिंह (मंडल उपाध्यक्ष), भूपेश सिंह (मंडल मंत्री) और अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा।
