आजमगढ़। जिले  कोयलसा पीजी और इंटर कॉलेज के संयुक्त कैंपस में 99 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-322) के चौथे दिन कैडेटों के लिए साइबर जागरूकता पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें कैडेटों को इंटरनेट और मोबाइल पर हो सकने वाले साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए गए।

मुख्य वक्ता आजमगढ़ ज़नपद रानी की सराय के साइबर कॉप राहुल सिंह, मुख्य आरक्षी ओम प्रकाश जायसवाल, मुख्य आरक्षी मुकेश भारती, उपनिरीक्षक अभिषेक यादव, आरक्षी कौशिक वर्मा और महिला आरक्षी स्वाति ने आजकल प्रचलित साइबर अपराधों और उनसे बचाव के तरीकों पर चर्चा की। राहुल सिंह ने बताया कि हर व्यक्ति साइबर अपराधियों का निशाना बन सकता है। उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए बैंकों की चेतावनियों का पालन करने और भारत सरकार की 1930 हेल्पलाइन तथा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी।

कैडेटों को चर्चित साइबर अपराध डिजिटल अरेस्ट और उससे बचाव के उपायों के प्रति भी सतर्क किया गया। ओम प्रकाश जायसवाल ने हैकिंग और धोखाधड़ी से बचने के लिए संचारसाथी डॉट कॉम वेबसाइट पर दिए निर्देशों का पालन करने और बच्चों को ऑनलाइन पैसे वाले गेम से दूर रखने की सलाह दी। अतरौलिया थाना के उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगु ने साइबर क्राइम से बचाव के साथ दैनिक जीवन में अनुशासन और सतर्कता का महत्व बताया।

कैडेटों ने उत्साह के साथ व्याख्यान सुना और अपनी शंकाओं का समाधान पाया। डीएवी कॉलेज के एएनओ ले. डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि शिविर के तीसरे दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, रानीपुर के डॉक्टरों ने कैडेटों को स्वस्थ जीवनशैली और हाइजीन अपनाने की जानकारी दी। अंत में, सुबेदार मेजर रामस्वरूप चौहान और कैप्टन प्रो. इंद्रजीत ने साइबर सेल अधिकारियों और डीएफओ को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर शिविर में विभिन्न ज़नपदों के कैडेट्स, पीआई स्टाफ, जेसीओ/एनसीओ, एएनओ गण और अन्य अधिकारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।