रिपोर्ट: अरुण यादव

आज़मगढ़। जिले के देंवगांव कोतवाली क्षेत्र के लालगंज बाईपास स्थित एक रेस्टोरेंट में शुक्रवार दोपहर  पकड़ी खुर्द गांव के नीरज सिंह ने अपनी बेटी अक्षरा सिंह (18) और उसके दोस्त आदित्य सिंह (20) को लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार दी। घटना में  उपचार के दौरान अक्षरा की मौत हो गई, जबकि आदित्य की हालत गंभीर है और उसका वाराणसी में उपचार चल रहा है।

आदित्य की मां रंजना सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी नीरज सिंह के खिलाफ हत्या व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी एक बैंक में कर्ज वसूली का काम करता है।

एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह के अनुसार, मसीरपुर गांव निवासी आदित्य और उसकी दोस्त अक्षरा शुक्रवार को रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे थे। इसी दौरान अक्षरा के पिता नीरज सिंह अपनी पत्नी शशिकला सिंह के साथ वहां आ गए। नीरज को शक था कि बेटी किसी युवक से संबंध रखती है। रेस्टोरेंट में पिता-पुत्री और आदित्य के बीच कहासुनी हुई, जो हाथापाई तक पहुंच गई। इसी दौरान नीरज ने गुस्से में बेटी की कनपटी पर गोली मार दी और फिर आदित्य को भी गोली से घायल कर दिया था। देर शाम एसपी डॉ0 अनिल कुमार भी घटनास्थल पर पहुचे और निरीक्षण किया साथ ही मातहतों को आवश्यक निर्देश दिए।   देर रात करीब साढ़े 12 बजे एसपी सिटी ने युवती के मौत की पुष्टि की।

‘मां कहती रही रुकिए, मैं समझाती हूं’

बेटी अक्षरा सिंह पास के एक निजी विद्यालय में पढ़ती थी। पिता नीरज को शक था कि वह किसी लड़के से बातचीत करती है। उसने पत्नी शशिकला से बेटी पर नजर रखने और समझाने को भी कहा था। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद अक्षरा अपने दोस्त आदित्य सिंह के साथ लालगंज बाईपास स्थित रेस्टोरेंट गई। इसकी भनक लगते ही नीरज ने पत्नी को सूचना दी और खुद भी वहां पहुंच गया।

रेस्टोरेंट में पहले नीरज ने बेटी और उसके दोस्त से हाथापाई की। उस वक्त अक्षरा की मां शशिकला भी मौजूद थीं, जो पति से बार-बार कहती रहीं — ‘रुकिए, मैं समझाती हूं।’ लेकिन गुस्से में अंधा हो चुके नीरज ने किसी की न सुनी। उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से पहले बेटी अक्षरा की कनपटी पर गोली मार दी। अक्षरा वहीं ढेर हो गई। इसके बाद आदित्य पर भी गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।