रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के थाना रौनापार क्षेत्र में दूसरे दिन भी ऑपरेशन लगड़ा जारी रहा। रविवार को पुलिस और पशु चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान एक अंतर्जनपदीय पशु चोर का आरोपी गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
थाना रौनापार क्षेत्र के ग्राम भदौरा तालुका नैनीजोर से बांका जाने वाली कच्ची सड़क पर प्रतिबंधित पशुओं को इकट्ठा करने की सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। तभी मौके पर मौजूद आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में एक आरोपी नूर मोहम्मद उर्फ मोनू पुत्र इन्शाद निवासी ग्राम करमैनी थाना बिलरियागंज, उम्र करीब 25 वर्ष के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल को सीएचसी हरैया से जिला अस्पताल रेफर किया गया।
आरोपी के कब्जे से पुलिस ने तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस, 4 गोवंश और चोरी के पैसों में से 15 हजार रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ 24/25 सितम्बर की रात ग्राम हाजीपुर और ग्राम कुकरौछी से गोवंश चोरी किए थे।
गौरतलब है कि वादिनी सुनीता देवी पत्नी स्व. राजनाथ और उमा देवी पत्नी हरिराम विश्वकर्मा ने अपनी-अपनी गाय चोरी होने की सूचना पुलिस को दी थी। उसी आधार पर थाना रौनापार में मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने विशेष टीम गठित कर शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस का कहना है कि घटना स्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक व अन्य साक्ष्यों को संकलित कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी, जिससे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
घायल आरोपी नूर मोहम्मद के खिलाफ तीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें पशु चोरी और गोवध निवारण अधिनियम से जुड़े मामले शामिल हैं।
