आजमगढ़। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में सरकारी धन से खरीदे गए लाखों रुपये के लैपटॉप और टैबलेट लापरवाही की भेंट चढ़ गए। बताया जा रहा है कि लंबे समय से बंद पड़े कमरे में रखे इन उपकरणों में दीमक लग गई और अब वे मिट्टी में दबकर सड़ चुके हैं
मिली जानकारी के अनुसार, जीजीआईसी आजमगढ़ के एक बंद कमरे में वर्षों पहले सरकारी योजना के तहत आए लैपटॉप और टैबलेट रखे गए थे। लंबे समय तक उपयोग न होने और रखरखाव की अनदेखी के कारण इन उपकरणों में दीमक लग गई। शनिवार को यह मामला तब उजागर हुआ जब विद्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को कथित रूप से इन कबाड़ हो चुके उपकरणों को बोरे में भरकर हटाते हुए देखा गया। बताया जा रहा है कि यह कार्य विद्यालय के बाबू के निर्देश पर किया जा रहा था। जैसे ही किसी ने वीडियो बनाना शुरू किया, मौके पर मौजूद लोग वहां से भाग निकले।
मिट्टी में दबे इन लैपटॉप और टैबलेट की संख्या हजारों में बताई जा रही है, जिनकी कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। प्रधानाचार्या रूबी खातून ने पहले कैमरे पर सवाल उठाए, लेकिन बाद में सफाई दी कि यह कार्य जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के निर्देश पर परीक्षा व्यवस्था के तहत कमरे की सफाई के लिए कराया जा रहा था।
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता अशोक यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा युवाओं में लैपटॉप और टैबलेट बांटने की जगह सांप्रदायिकता और उन्माद बांट रही है। यह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
वहीं, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि योगी सरकार में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सपा पर पलटवार करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ तो समाजवादी पार्टी खिलवाड़ करती थी, उन्हें लैपटॉप नहीं, लाल टोपी पहनाकर गुमराह करती थी।
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