आज़मगढ़। एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के अंतर्गत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गति देने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने हरिऔध कला केंद्र में समीक्षा बैठक की। बैठक में एडीएम भू-राजस्व, उप कृषि निदेशक, एसडीएम, बीडीओ, एडीओ कृषि, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, तथा सीएससी ऑपरेटर मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत सहायकों, सचिवों, प्रधानों और पूर्व प्रधानों के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों की जानकारी दी जाए और सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले की प्रगति 54 प्रतिशत है और इसे बढ़ाने के लिए प्रत्येक कार्मिक को प्रतिदिन 50 फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है।

उन्होंने कहा कि किसान अपनी रजिस्ट्री निकटतम जनसेवा केंद्र से मात्र ₹15 शुल्क पर बनवा सकते हैं। किसी केंद्र द्वारा अधिक शुल्क वसूलने या कार्य में लापरवाही करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए और कम प्रगति वाले 10 गांवों व 10 कार्मिकों की सूची ब्लॉकवार उपलब्ध कराई जाए।

उप कृषि निदेशक ने पीपीटी के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया और महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम-किसान लाभार्थियों सहित जिले के सभी भूमिधर किसानों का पंजीकरण कराया जा रहा है। यह कार्य भारत सरकार के पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in/ और मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें राजस्व, कृषि और पंचायत विभाग के कार्मिक सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।

बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक सहित सभी तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।