आजमगढ़। डाला छठ के महापर्व पर सोमवार की शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के दौरान जब दीप दान शुरू हुआ तो नदी और सरोवरों के तट जगमगा उठे। छठ के महापर्व पर जिला मुख्यालय स्थित पवित्र तमसा नदी के गौरीशंकर घाट, कदम घाट, भोला घाट, सिधारी, नरौली, हरवंशपुर शाहीपुल, राजघाट आदि घाटों पर बने पूजा पंडालों में रविवार को ही छठ माता और भगवान भाष्कर की मूर्ति भी स्थापित कर दी गई थी।
पूजा पंडाल से लेकर घाट तक झालरों से सजाया गया है। घाटों पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए सोमवार को तीन बजे से ही श्रद्घालुओं का रेला लगा गया था। नदी और सरोवरों के तट पर तिल रखने भर को भी जगह नहीं बची थी। भगवान भाष्कर के डूबते ही अर्घ्य के लिए एक साथ लाखों हाथ अराधना में उठ गए। व्रती महिलाओं ने वेदियों पर पूजन अर्चन के बाद दीप जलाए। दीप जलते ही नदी के घाट जगमगा उठे। विद्युत झालरों से सजे घाट दुधिया रोशनी से नहा उठे। इस दौरान घाटों पर भीड़ पर नजर रखने के लिए पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों स्थापित छठ मां और सूर्य देवता का साक्षात दर्शन के लिए श्रद्घालुओं का तांता लगा हुआ था।
