आजमगढ़। भगवान भाष्कर की उपासना का महापर्व डाला छठ मंगलवार की सुबह ग्रामीण इलाकों में हल्की बुंदाबांदी  के बावजूद हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान नदियों, सरोवरों और पोखरों के घाटों पर भारी भीड़ उमड़ी रही।

जीयनपुर क्षेत्र के तालाबों, पोखरों और नहरों के किनारे बनाई गई वेदियों पर व्रती महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक पूजा-अर्चना की और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। ताल सलोना, पकचा इनार, मालटारी, अंजान शहीद और सगड़ी सहित कई जगहों पर छठ पर्व उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कप्तानगंज क्षेत्र में भी विभिन्न पोखरों में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की मंगलकामना की

बिंद्राबाज़ार राम जानकी मंदिर बिंद्रा बाजार के सरोवर पर ब्रती महिलाओं द्वारा उगते शुरू को अघ्र्य दिया गया। जहा पहुँचे क्षेत्र  के  कई गांव के श्रद्धालुओं और बिंद्राबाज़ार पूर्व मंत्री का पूरा परिवार जिसमे कृष्णमुरारी विश्वकर्मा ,पूर्व ब्लॉक प्रमुख एवमवर्तमान जिला पंचायत सदस्य ज्योति विश्वकर्मा, पूर्व जिलापंचायत सदस्य,ब्लॉक प्रमुख विजय विश्वकर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

रानी की सराय उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भोर से ही घाटों पर भीड़ जुटी रही। अर्घ्य के बाद व्रती महिलाओं ने व्रत तोड़ा। रानी के पोखरा, अवंतिकापुरी, दिलौरी, अचलीपुर, ऊंची गोदाम और सेठवल गांवों के पोखरों पर बनी वेदियों पर सूर्यदेव को अर्घ्य देकर शांति और समृद्धि की कामना की गई।

मेजवां  छठ पर्व पर श्रद्धालु सूर्योदय से पहले ही कुंवर नदी और नागाबाबा घाट पर पहुंचे। उगते सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की मंगलकामना की।