रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय क्षेत्र के गोरहरपुर गांव में आयोजित आठ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन और राज्याभिषेक का ऐसा मनमोहक वर्णन हुआ कि पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालु झूम उठे और आरती के दौरान भक्ति गीतों पर थिरकते नजर आए।
यह आयोजन पिछले चार वर्षों से ग्रामवासियों के सहयोग से लगातार किया जा रहा है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा श्रवण के लिए पहुंचते हैं। समापन अवसर पर युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष लालगंज पुष्कर मिश्र, जय किशन पांडे और हर्षित सिंह ने कथा व्यास पंडित चंद्रेश जी महाराज को अंगवस्त्र भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा व्यास पंडित चंद्रेश जी महाराज ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन जनकल्याण और सनातन धर्म के प्रति आस्था को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में धर्म और संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि समाज के लिए शुभ संकेत है। राज्याभिषेक प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जब भगवान श्रीराम अयोध्या लौटे तो पुष्प वर्षा के बीच राजतिलक हुआ, श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। दीपों की उजास, शंखनाद और घंटाध्वनि से पूरा परिसर आलोकित हो गया।
कथा स्थल पर भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। बच्चे, युवा और वृद्ध सभी भक्ति गीतों पर नृत्य करते हुए प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक का उत्सव मना रहे थे। अंत में भव्य आरती के साथ आठ दिवसीय कथा का समापन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को प्रसाद वितरित कर धर्म और भक्ति की भावना के साथ विदाई ली।
