आजमगढ़। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशन में बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम एवं बंधुआ मजदूरों की मुक्ति हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन एवं नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में थाना ए.एच.टी. एवं श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने आजमगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मातवरगंज, चौक, पुरानी कोतवाली तथा तकिया बाजार के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया।
अभियान के दौरान कुल सात बाल श्रमिक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर कार्य करते हुए पाए गए। मौके पर ही संबंधित बालकों के परिजनों को बुलाकर चेतावनी दी गई तथा बच्चों को उनके सुपुर्द किया गया। परिजनों को यह सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में बच्चों से किसी प्रकार का बाल श्रम न कराया जाए।
संबंधित प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों के विरुद्ध बाल श्रम अधिनियम का उल्लंघन करने पर श्रम विभाग द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए गए।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आम नागरिकों को बाल श्रम न कराने के लिए जागरूक किया तथा मिठाई की दुकान, रेस्टोरेंट/ढाबा, बेकरी, ऑटोमोबाइल की दुकान, गैराज आदि स्थलों पर बाल श्रम निषेध संबंधी पोस्टर चस्पा किए।
लोगों को शासन एवं प्रशासन द्वारा संचालित आपातकालीन सहायता हेतु टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 आदि की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव, रोहित प्रताप, मो० नजरे आलम, थाना ए.एच.टी. के उपनिरीक्षक बेचू प्रसाद यादव, कांस्टेबल अश्वनी कुमार भारती, महिला कांस्टेबल अर्चना तिवारी तथा जन विकास संस्थान से अनिल कुमार सक्रिय रूप से सम्मिलित रहे।
