आजमगढ़। सड़क सुरक्षा और मानवता को बढ़ावा देने के लिए आजमगढ़ पुलिस द्वारा विशेष अभियान ‘नेक आदमी बनें’ का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी एवं क्षेत्राधिकारी नगर/लाइन/यातायात शुभम तोदी के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के 260 नागरिकों को ‘रोडीज़ वारियर’ की संज्ञा देकर दुर्घटना के समय त्वरित सहायता एवं प्राथमिक उपचार की जिम्मेदारी सौंपी गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के दौरान लोगों में मानवता की भावना जागृत करना और ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल की जान बचाने के लिए समय पर चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद पहला घंटा जीवन रक्षक होता है और इस दौरान घायल को तत्काल मदद मिलना अत्यंत आवश्यक है।
प्रत्येक दुर्घटना स्थल पर थाना प्रभारियों ने स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और वाहन चालकों को रोडीज़ वारियर की संज्ञा देते हुए दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता हेतु प्रेरित किया। प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की जानकारी दी गई और उन्हें फर्स्ट एड बॉक्स भी उपलब्ध कराया गया। साथ ही, निकटतम अस्पतालों के नाम, पते और संपर्क नंबर हर दुर्घटना स्थल पर अंकित किए गए, ताकि किसी आपात स्थिति में सूचना देने और मदद प्राप्त करने में कोई देरी न हो।
जनजागरूकता बढ़ाने के लिए थाना प्रभारियों द्वारा पोस्टर तैयार कर पूरे जनपद के 25 थानों में 100-100 पोस्टर लगाए गए और स्थानीय बाजारों, चौराहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।
आज कुल 260 लोगों को रोडीज़ वारियर बनाया गया है, जिन्होंने प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संभाल ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से सड़क सुरक्षा में सुधार और दुर्घटनाओं के समय लोगों की मदद करने की प्रवृत्ति में निश्चित ही वृद्धि होगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 अनिल कुमार ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सड़क पर घायल किसी व्यक्ति की मदद करना मानवता का सर्वोच्च कार्य है। आप सभी नेक आदमी बनें, घायलों की मदद करें और सूचना दें, क्योंकि आपका एक कदम किसी की ज़िंदगी बचा सकता है।
