आज़मगढ़। आईजीआरएस समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए लगातार लापरवाही दिखाने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी। बैठक में तीन विभाग अल्पसंख्यक कल्याण, बिलरियागंज बीडीओ और पीडब्ल्यूडी की शिकायतें ‘सी’ श्रेणी में आने पर डीएम ने तीखी नाराज़गी जताई और कहा कि भविष्य में एक भी मामला ‘सी’ या डिफाल्टर श्रेणी में गया तो कार्रवाई तय है। वहीं नगर पंचायत जहानागंज के EO पर कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए। इसके साथ ही सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर एबीएसए पवई से स्पष्टीकरण तलब कर उसकी प्रति उच्चाधिकारियों को भेजने का आदेश भी दिया।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि शिकायत मिलने के बाद शिकायतकर्ता से तुरंत संपर्क करना अनिवार्य है। जिन ग्रामों से बार-बार असंतुष्ट फीडबैक मिल रहा है, वहाँ अधिकारी स्वयं जाकर स्थलीय निरीक्षण करें और शिकायतकर्ताओं से खुलकर बात करें।
डीएम ने कहा कि पोर्टल की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्थिति में शिकायतें लंबित न रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्या का समाधान हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसमें ढिलाई पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई से कोई नहीं बचेगा।
डीएम ने विभागीय संपत्तियों के रख-रखाव पर भी सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि सरकारी जमीन या भवन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा होने पर संबंधित विभाग तुरंत नोटिस जारी करे और कब्जा हटवाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति की देखभाल विभाग की सीधी जिम्मेदारी है और लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में एडीएम प्रशासन गम्भीर सिंह, डीडीओ संजय सिंह, एलडीएम, परियोजना निदेशक, उपायुक्त उद्योग एसएस रावत, डीआईओएस उपेन्द्र कुमार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहीत अधिकारी सुशील मिश्र सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
