रिपोर्ट: अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के सिकरौड़ा पुलिया के पास शनिवार की देर शाम हुई रजनीश पांडेय की हत्या के बाद मामला रविवार को और गरम हो गया, जब परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। बीस साल पुराने भूमि विवाद से जुड़ी इस घटना में पुलिस ने पांच नामजदों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

रजनीश पांडेय उर्फ राजू, निवासी  कर्मनाथ पट्टी, शनिवार की शाम बाइक से शहर लौट रहे थे जब सिकरौड़ा पुलिया के पास बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें रोककर गोली मार दी। मौके पर मौत होने के बाद परिजन रविवार सुबह घटनास्थल पहुंचे और सड़क जाम कर विरोध शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक आजमगढ़–बिलरियागंज मार्ग ठप रहा। सीओ सिटी शुभम तोदी ने समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। परिजनों का आरोप है कि रजनीश को पहले भी कई बार जान से मारने की धमकी मिली थी और 28 अक्टूबर को उसने सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराकर FIR में शामिल करने की मांग की जा रही है।

मृतक के पिता राघवेंद्र पांडेय ने तहरीर में बताया कि विवाद की जड़ उनकी बुआ कल्पा देवी की संपत्ति है, जिसकी रजिस्ट्री रजनीश के नाम थी। कल्पा देवी के पति कृष्णा तिवारी की दूसरी पत्नी ने अभिलेखों में हेराफेरी कर परिवार रजिस्टर और खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया था और बाद में जमीन नगीना सिंह को बेच दी। इसी जमीन को लेकर बीस साल से दोनों पक्षों में मुकदमा चल रहा है। पुलिस ने राघवेंद्र की तहरीर पर नगीना सिंह, इंद्रसेन सिंह, उग्रसेन सिंह निवासी पुरुषोत्तमपुर बनकट, तथा दाउदपुर बाग खालिस थाना जीयनुपर के दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

इस घटना में पुलिस की कई टीमें गठित की हैं और हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है।