आजमगढ़। जिला कारागार की व्यवस्थाओं को परखने और कैदियों के सुधारात्मक जीवन की दिशा तय करने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने शनिवार को संयुक्त रूप से जिला कारागार आजमगढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ‘एक जेल–एक प्रोडक्ट’ योजना के तहत कारागार में ब्लैक पॉटरी से जुड़े उत्पादों के निर्माण को शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कैदियों को हुनर सीखने का अवसर मिलेगा और रिहाई के बाद उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। साथ ही कैदियों को विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन बंदियों की मुकदमेबाजी अधिवक्ता के अभाव में प्रभावित हो रही है, उन्हें सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनके मामलों की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सके।

निरीक्षण के क्रम में बैरकों की गहन तलाशी कराई गई, जिसमें कोई भी प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। उच्च सुरक्षा बैरकों की निगरानी को लेकर जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी और अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

कैदियों के स्वास्थ्य को लेकर जिलाधिकारी ने समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण कराते रहने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कारागार परिसर में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक सहित जिला कारागार के अन्य अधिकारी मौजूद रहे और अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की।