आज़मगढ़। जिले में अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम, भारत द्वारा पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य 22 दिसंबर को होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाना और भोजपुरी भाषा को भारत की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए प्रयासों को गति देना था। बैठक में उपस्थित लोगों ने भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आवा-आवा भइया, भोजपुरिया संगवा…. जैसे भोजपुरी गीत की झलक भी प्रस्तुत की, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और उत्साहपूर्ण बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में अरविंद चित्रांश ने कहा कि आजमगढ़ में होने वाले भोजपुरी संगम के कार्यक्रम को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए पूरे जनपद के लोगों का सहयोग आवश्यक है। बैठक की अध्यक्षता लोक दायित्व के केंद्रीय संयोजक डॉ. पवन कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम संयोजक अरविंद चित्रांश तथा संचालक संजय कुमार पांडेय रहे।
बैठक में संरक्षक प्रोफेसर गीता सिंह, प्रोफेसर अखिलेश चंद, ‘एट पटवारी’ के रचयिता शैलेंद्र राय, व्यवस्था प्रभारी राजेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. पवन उपाध्याय, हरिहरपुर घराना के अध्यक्ष एवं संगीत प्रभारी राजेश मिश्रा, विपिन अग्रवाल, प्रसिद्ध गायक राजेश रंजन, डॉ. अवनीश अस्थाना, गायिका चंदा सरगम सहित कई भोजपुरी प्रेमी, साहित्यकार और कलाकार मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त महिला मंडल एवं महिला प्रभारी के रूप में शिल्पी अस्थाना, नूतन यादव, सारिका अग्रवाल, रुचि गोस्वामी, पुष्पांजलि गुप्ता और आयुषी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर भोजपुरी जागरूकता से संबंधित पोस्टर का भी विधिवत लोकार्पण किया गया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 22 दिसंबर को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में विभिन्न देशों से आए विद्वान एवं कलाकार सहभागी होंगे, और भोजपुरी भाषा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।
