आजमगढ़। झारखंड की राजधानी रांची से आजमगढ़ मंडल में कोडीनयुक्त कफ सिरप की भारी खेप की आपूर्ति का मामला सामने आने के बाद औषधि प्रशासन सख्त हो गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि रांची स्थित सैली/शैली ट्रेडर्स से बीते दो वित्तीय वर्षों में मंडल की 12 फर्मों ने करीब 12 लाख शीशी कोडीनयुक्त कफ सिरप मंगाया था, जिसे बाद में मंडल और प्रदेश के कई जनपदों में खपाया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, यह कफ सिरप आजमगढ़, बलिया और मऊ की फर्मों के माध्यम से वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही समेत अन्य जिलों तक पहुंचाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुल 12 फर्म इस नेटवर्क में शामिल थीं, जबकि एक फर्म केवल खरीद में संलिप्त पाई गई, जिसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
औषधि प्रशासन ने मामले के उजागर होने के बाद सभी 12 फर्मों को नोटिस जारी किया। आजमगढ़ और बलिया की फर्मों ने अपने जवाब विभाग को सौंप दिए हैं, लेकिन प्रशासन उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है। वहीं, मऊ की दो फर्मों की ओर से अब तक जवाब नहीं दिया गया है। विभाग अब सभी संबंधित फर्मों के लाइसेंस निलंबित करने की तैयारी कर रहा है।
जांच में यह भी जानकारी हुई कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान रांची से आई कुल 12 लाख शीशी में से करीब 9.28 लाख शीशी केवल आजमगढ़ और बलिया में आई थीं, जबकि शेष मऊ की फर्मों को सप्लाई की गई थीं। इस पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए औषधि प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
सहायक आयुक्त औषधि गोविंद लाल गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में आजमगढ़ मंडल की 12 फर्म ने रांची की शैली ट्रेडर्स से 12 लाख शीशी कोडीनयुक्त सिरप मंगाया था। इसकी विवरण निकालकर सभी फर्म को नोटिस जारी किया गया है। इसमें आजमगढ़ और बलिया की फर्म के जवाब आ गए हैं, जो असंतोषजनक हैं। वहीं, मऊ की दो फर्म के जवाब का इंतजार है। सभी फर्म के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।
