रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित और प्रभावी कदम उठाते हुए दो अलग-अलग मामलों में पीड़ितों की वित्तीय हानि को रोका। एक मामले में गलती से ₹42,000 दूसरे खाते में ट्रांसफर होने पर तुरंत वापसी कराई गई, जबकि दूसरे मामले में साइबर ठगी से ₹16,000 सुरक्षित रूप से पीड़ित के खाते में लौटाई गई।
बीते पांच फरवरी को जितेन्द्र गुप्ता पुत्र रामपलट, निवासी माहुल खास, थाना अहरौला ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि अपने रिश्तेदार को पैसा भेजते समय ₹42,000 गलती से किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो गया। संबंधित व्यक्ति ने धनराशि लौटाने से इनकार किया।
फूलपुर साइबर हेल्पडेस्क ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसबीआई बैंक के नोडल अधिकारी एवं शाखा प्रबंधक से समन्वय कर, फोन और ई-मेल के माध्यम से आवश्यक कदम उठाए। नतीजतन, ₹42,000 की पूरी राशि आवेदक के खाते में सुरक्षित रूप से वापस कराई गई।
इसके अतिरिक्त, थाना कोतवाली साइबर टीम ने एक और मामले में साइबर ठगी को रोकते हुए, पीड़ित के खाते से डेबिट की गई ₹16,000 की धनराशि सुरक्षित रूप से लौटाई। शिकायत तत्काल NCRP पोर्टल पर पंजीकृत करवाई गई और टेक्निकल टीम के समन्वय से पूरे प्रयास के बाद राशि वापस कराई गई।
पुलिस ने दोनों मामलों में पीड़ितों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध घटना की स्थिति में साइबर हेल्पलाइन 1930 या www.cybercrime.gov.in पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
