आजमगढ़। निदेशालय महिला कल्याण उ.प्र. एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी आजमगढ़ के निर्देशानुसार जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय के स्तर पर बाल विवाह मुक्त भारत एवं वीर बाल दिवस थीम पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम ब्लॉक पल्हनी में स्थित विहान बालिका आवासीय विद्यालय में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में बालिकाओं ने नाटक, डॉस और पोस्टर के माध्यम से बाल विवाह और वीर बाल दिवस पर जागरूकता फैलायी। जेण्डर स्पेशलिस्ट श्रीमती अन्नू सिंह ने छात्राओं और अध्यापिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलायी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिका और 21 वर्ष से कम उम्र के बालक का विवाह बाल विवाह अधिनियम 2006 के अंतर्गत अपराध है, जिसमें दो साल की कैद और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। इस प्रकार का विवाह बच्चों के मौलिक अधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
वीर बाल दिवस के अवसर पर गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शौर्यगाथा बच्चों को सुनाई गई, जिसमें उन्होंने छोटी उम्र में मातृभूमि और धर्म की रक्षा कैसे की, यह बताया गया। साथ ही विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 108, तथा शिकायत निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में हब फॉर इम्पॉवरमेन्ट ऑफ वूमेन की प्रीति उपाध्याय, मिशन कोऑर्डिनेटर सरिता पाल, वन स्टॉप सेंटर की प्रिया प्रसाद और स्कूल की वार्डन एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहीं। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में बाल विवाह और सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता पैदा करना एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
