आजमगढ़। सड़क सुरक्षा को लेकर वर्ष 2025 में आजमगढ़ परिक्षेत्र में यातायात पुलिस की सख्ती साफ तौर पर देखने को मिली। जनवरी से नवंबर तक चले प्रवर्तन अभियान में हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग, नशे में वाहन चलाने और बिना लाइसेंस जैसे मामलों में हजारों चालान किए गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग श्रेणियों में आजमगढ़, मऊ और बलिया ने परिक्षेत्र में अलग-अलग स्थान हासिल किए।


हेलमेट न पहनने के मामलों में वर्ष 2025 में आजमगढ़ परिक्षेत्र में सबसे आगे रहा। इस दौरान आजमगढ़ में कुल 90,696 चालान किए गए, जो परिक्षेत्र में सर्वाधिक हैं। मऊ में 62,278 जबकि बलिया में 22,254 मामलों में कार्रवाई की गई। इसी तरह सीट बेल्ट न लगाने के मामलों में भी आजमगढ़ अव्वल रहा, जहां 4,187 चालान किए गए। मऊ में 2,321 और बलिया में 2,040 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई।


ओवरस्पीडिंग के मामलों में मऊ ने बढ़त बनाई। वर्ष 2025 में मऊ में 307 चालान किए गए, जो परिक्षेत्र में सबसे अधिक रहे। इसके बाद आजमगढ़ में 300 और बलिया में 130 मामलों में कार्रवाई की गई। मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाने के मामलों में भी मऊ आगे रहा। वहीं साइड ड्राइविंग के मामलों में आजमगढ़ में 2,411 चालान हुए, जो मऊ के 1,194 चालानों से दोगुने से अधिक रहे।


नशे में वाहन चलाने के मामलों में बलिया और मऊ आगे नजर आए। वर्ष 2025 में मऊ में 89, बलिया में 71 और आजमगढ़ में 14 मामलों में कार्रवाई की गई। तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने के मामलों में बलिया परिक्षेत्र में सबसे आगे रहा। बलिया में 10,067 चालान किए गए, जबकि मऊ में 9,285 और आजमगढ़ में 7,388 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई।


बिना लाइसेंस वाहन चलाने के मामलों में आजमगढ़ ने परिक्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया। इस श्रेणी में आजमगढ़ में 9,255 चालान किए गए, जबकि बलिया में 3,687 और मऊ में अपेक्षाकृत कम मामलों में कार्रवाई हुई। बिना इंश्योरेंस वाहन चलाने के मामलों में बलिया और मऊ आगे रहे, जहां दोनों जिलों में 7,362-7,362 चालान किए गए। वहीं आजमगढ़ में इस श्रेणी में 3,886 मामलों में कार्रवाई दर्ज की गई।