रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में साइबर ठगों के जाल में जब खाकी खुद फंस गई, तब सिस्टम की रफ्तार भी अचानक तेज़ हो गई। आम नागरिक साइबर ठगी के बाद थाने और पोर्टल के चक्कर काटते रह जाते हैं, लेकिन जैसे ही पीड़िता महिला कांस्टेबल निकली, साइबर पुलिस हरकत में आ गई और कुछ ही समय में ₹20 हजार की पूरी रकम सुरक्षित वापस करा दी गई।
बीते तीन दिसंबर को थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़ की महिला कांस्टेबल रूपा सरोज साइबर ठगी का शिकार हो गई थीं। ठगों ने धोखाधड़ी कर उनके खाते से ₹20,000/- की धनराशि ट्रांसफर कर ली। पीड़िता ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल Cyber Crime Portal पर शिकायत दर्ज कराई, जिसके चलते समय रहते संबंधित खाते को होल्ड (फ्रीज़) करा दिया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की गई रकम बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजी गई थी, जहां पूरी ₹20,000/- की राशि होल्ड अवस्था में पाई गई। साइबर पुलिस टीम ने संबंधित बैंक मैनेजर से समन्वय स्थापित कर आवश्यक रिपोर्ट और औपचारिकताएं पूरी कीं, जिसके बाद होल्ड की गई पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़िता के खाते में वापस करा दी गई।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही, जिसमें उप निरीक्षक मानवेन्द्र प्रताप सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर वीरेन्द्र कुमार सरोज, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़ शामिल रहे। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को विभागीय स्तर पर सफलता बताया जा रहा है।
पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर OTP, UPI पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान केवल विश्वसनीय ऐप व वेबसाइट का ही उपयोग करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, क्योंकि समय पर की गई शिकायत से ठगी की रकम को होल्ड कर वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
