आजमगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने रिजर्व पुलिस लाइन्स आजमगढ़ में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की। इस दौरान जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।


बीती रात्रि को आयोजित अपराध समीक्षा गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चोरी व नकबजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित पिकेट गश्त बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए। साथ ही इन घटनाओं के शत-प्रतिशत अनावरण और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया।


गंभीर अपराधों की स्थिति में संबंधित राजपत्रित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर घटनास्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए गए। दो समुदायों के बीच उत्पन्न होने वाली छोटी से छोटी घटनाओं का भी तत्काल संज्ञान लेकर विधिक समाधान कराने को कहा गया, ताकि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना परिसरों में खड़े वाहनों के शीघ्र निस्तारण, नियमित साफ-सफाई, तथा माननीय न्यायालय से समन्वय स्थापित कर मुकदमों से संबंधित निर्णयिक माल के निस्तारण के निर्देश दिए। IGRS पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पारिवारिक न्यायालय द्वारा निर्गत वसूली वारंटों का शत-प्रतिशत तामिला कराने पर भी बल दिया गया।


उन्होंने थानों पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं का यथाशीघ्र विधिक निस्तारण करने, स्थान व समय बदल-बदलकर वाहन चेकिंग कराने और यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। महिलाओं से संबंधित मामलों को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए त्वरित निस्तारण, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का कड़ाई से पालन और लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण के लिए क्षेत्राधिकारियों द्वारा अर्दली रूम आयोजित करने को कहा गया।


इसके अलावा माफियाओं के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई, गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर जब्ती, टॉप-टेन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई, रेलवे ट्रैक की सुरक्षा हेतु जीआरपी व आरपीएफ के साथ समन्वय, तथा जमीन संबंधी विवादों का संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर नियमानुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए।


गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।