रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिलें के रौनापार थाना क्षेत्र की नई बस्ती में फरार वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस की कार्रवाई उस समय विवादों में घिर गई, जब एक मदरसा संचालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। मृतक की पहचान इस्लामिया मिफ्ताहुल उलूम मदरसा के प्रबंधक के रूप में हुई है। मदरसा संचालक की मौत से क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पर जमा हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार रौनापार थाना की पुलिस नई बस्ती में दबिश देने पहुंची थी। पुलिस के अनुसार धोखाधड़ी सहित अन्य मामलों में वांछित मदरसा संचालक सलाउद्दीन उर्फ कलामुद्दीन, जो क्षेत्र के इस्लामिया मिफ्ताहुल उलूम मदरसा का संचालन व प्रबंधन करते थे, पुलिस को देखकर भागने लगे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़े।
पुलिस का कहना है कि मौके पर पहुंचकर उनसे बातचीत की गई और हालत गंभीर देख परिजनों को सूचना दी गई। परिजन उन्हें पास के अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
वहीं मृतक के बेटे आमिश ने आरोप लगाया कि पुलिसिया मारपीट के कारण ही उनके पिता की जान गई है। इसके साथ ही पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए
मदरसा संचालक की मौत की खबर फैलते ही नई बस्ती और आसपास के गांवों में आक्रोश फैल गया। सोमवार दोपहर करीब एक बजे ग्रामीणों ने शव को थाने के गेट पर रखकर घेराव करने का प्रयास किया। हालात बिगड़ते देख सीओ सगड़ी के साथ जीयनपुर, बिलरियागंज, मुबारकपुर, महराजगंज सहित कई थानों की पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई।
काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि पुलिस आरोपी को पकड़ने गई थी। इस दौरान वह पुलिस को देखकर भागने लगा, सांस फूलने पर वह बैठ गया। परिजन उसे अस्पताल ले गए जंहा चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। यह जानकारी मिली है कि मृतक पहले से हृदय रोग से पीड़ित था। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों का पैनल कर रहा है, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा रही। पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर विधिक कार्रवाही की जाएगी।
