आजमगढ़। उ०प्र० राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रिंयका मौर्या ने सर्किट हाउस सभागार में जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में घरेलू हिंसा, दहेज, छेड़खानी, जमीनी विवाद, गुमशुदगी और साइबर अपराध से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। इसके बाद उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय गम्भीरवन और जिला कारागार का निरीक्षण किया।

सर्किट हाउस सभागार में आयोजित जनसुनवाई में कुल 14 प्रकरण प्राप्त हुए। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़खानी, जमीनी विवाद, गुमशुदगी और साइबर अपराध से संबंधित मामले शामिल रहे। सुनवाई के दौरान 4 प्रकरणों का मौके पर त्वरित निस्तारण कराया गया, जबकि शेष 10 प्रकरणों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं को भरोसा दिलाया गया कि उन्हें डरने की आवश्यकता नहीं है। महिलाओं को सशक्त, मजबूत, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया तथा यह संदेश दिया गया कि राज्य महिला आयोग उनके साथ खड़ा है।


इसके पश्चात अटल आवासीय विद्यालय गम्भीरवन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच में सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। रसोईघर का भी निरीक्षण किया गया, जहां व्यवस्थाएं संतोषजनक और साफ-सफाई व्यवस्थित पाई गई। बच्चों से बातचीत में छात्रों ने बताया कि विद्यालय में उन्हें समय पर नाश्ता व भोजन मिलता है और पढ़ाई भी सुचारु रूप से हो रही है। बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर बच्चों के साथ वृक्षारोपण भी किया गया।


इसके बाद जिला कारागार आजमगढ़ का निरीक्षण हुआ, जहां व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित पाई गईं। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री बाल सेवा, स्पॉन्सरशिप योजना और वन स्टॉप सेंटर की जानकारी दी गई।


कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित