
आजमगढ़। जिले के देंवगांव कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ऊ बाबा गांगी नदी किनारे दफन किए गए तीन वर्षीय बच्चे के शव को पुलिस ने बुधवार की दोपहर एक माह बाद जमीन खोदकर बाहर निकलवाया। जिलाधिकारी के आदेश पर की गई इस कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बच्चे की मां ने प्रार्थना पत्र देकर एसपी व डीएम से गुहार लगाई थी।
मिली जानकारी के अनुसार, चेवार पूरब (मूसऊपुर) गांव निवासी गुलाबचंद के इकलौते बेटे अयान तीन वर्ष की 14 दिसंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, अयान के गले पर निशान बना हुआ था। परिजनों को आशंका थी कि बच्चे को भैंस ने कुचल दिया है। घटना की सूचना मिलते ही अयान के पिता उसी दिन मुंबई से घर के लिए रवाना हो गए थे।
अयान को घायल अवस्था में ग्रामीणों व परिजनों द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवगांव ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को घर ले आए और पुलिस को बिना सूचना दिए गांगी नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया।
बच्चे की संदिग्ध मौत को लेकर गांव में सुगबुगाहट शुरू हुई तो अयान की मां रिबिका ने 05 जनवरी को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। डीएम के आदेश पर बुधवार को सीओ लालगंज भूपेश पांडेय, कोतवाल देवगांव विमल प्रकाश राय फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रशिक्षु आईपीएस प्रेम सुख दहिया की निगरानी में नदी किनारे गड्ढा खोदकर शव बाहर निकाला गया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सीओ लालगंज भूपेश पांडेय ने बताया कि बच्चे का शव पशुशाला में मिला था। परिजनों ने आशंका व्यक्त की थी कि भैंस की खुर लगाने के चलते मौत हुई है। लेकिन बाद में बच्चे की माँ ने हत्या की आशंका जताते हुए एसएसपी से शिकायत की । जिसके बाद आज मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा। पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा और उसकी भी वीडियो ग्राफी कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
