आजमगढ़। योगी सरकार 2.0 में नौकरशाही पर लगातार भ्रष्टाचार और मनमानी के आरोप लगते रहे हैं। विपक्ष को छोड़िए, सबसे अधिक आरोप सत्ता पक्ष के लोग ही और खुद भाजपा के कार्यकर्ता ही लगा रहे हैं। हर काम को गलत ठहराने और अधिकारियों पर मनमानी करने के आरोप लगातार लग रहे हैं। इसी बीच अब नया मामला सामने आया है, जिसमें जीएसटी कमिश्नर पर घूस मांगने का आरोप लगा, और खाश बात यह है कि आरोप लगाने वाले ने खुद को भाजपा नेता बताया।

दरअसल, शनिवार को हरिऔध कला केंद्र में जीएसटी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंच से एक व्यक्ति ने ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर पर घूस मांगने का गंभीर आरोप लगा दिया। आरोप के बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया, वहीं अधिकारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया।


मिली जानकारी के अनुसार, जीएसटी विभाग द्वारा हरिऔध कला केंद्र में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी श्रीराम सरोज के साथ मुख्य राजस्व अधिकारी समेत कई अधिकारी मौजूद थे। मंच के माध्यम से व्यापारी अपनी समस्याएं रख रहे थे। इसी क्रम में बजरंग बहादुर सिंह को मंच पर बोलने के लिए बुलाया गया। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने खुद को भाजपा नेता बताते हुए ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज पर दो लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगा दिया। आरोप लगते ही कार्यक्रम स्थल पर हंगामा मच गया।


बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि वर्ष 2024 में उनके भतीजे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद शासन की मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत 10 लाख रुपये की सहायता राशि के लिए फाइल लगाई गई। उनका आरोप है कि जब वह संबंधित अधिकारी से मिलने पहुंचे तो उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से मिलने के लिए कहा गया और कथित तौर पर उनके माध्यम से दो लाख रुपये की मांग की जाती रही। पैसा न देने पर उनकी फाइल को खारिज कर दिया गया। उन्होंने मंच के जरिए अपनी बात रखने के साथ ही आगे डीएम और मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही।


वहीं,  ज्वाइंट जीएसटी कमिश्नर श्रीराम सरोज ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम की तुलना किसी फिल्म से की जा सकती है, जिसमें हीरो और विलेन होते हैं और वही फिल्म को रोमांचक बनाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस बीमा योजना का जिक्र किया जा रहा है, उसे शासन स्तर से ही पहले खारिज किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और वह आरोप लगाने वाले व्यक्ति को जानते तक नहीं हैं।