अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय क्षेत्र के शिव गायत्री मंदिर छितौनी में बसंत पंचमी पर्व के पावन अवसर पर पावन प्रज्ञा पुराण कथा एवं गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन दिनांक 21 जनवरी (बुधवार) से शुक्रवार तक श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा बसंत पंचमी वर्ष 1926 में प्रज्वलित एवं स्थापित अखंड दीप के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में किया गया। इसी क्रम में शिव गायत्री मंदिर छितौनी में सवा करोड़ गायत्री महायज्ञ मंत्र जाप एवं 24 दिवसीय अखंड जाप अनुष्ठान का आयोजन किया गया।
इस पावन अनुष्ठान के दौरान योगासन, प्राणायाम, मंगल कलश यात्रा, संगीत मय पावन प्रज्ञा पुराण कथा, गायत्री महायज्ञ, विभिन्न संस्कार, पूर्णाहुति, महाप्रसाद एवं महापूर्णाहुति जैसे आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। आयोजन के अंतिम दिन टोली की विधिवत विदाई भी की गई।
गायत्री महायज्ञ में क्षेत्र के हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार, यज्ञ की सुगंध और भक्तिमय संगीत से आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
आयोजन को सफल बनाने में मंदिर समिति, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा। इस आयोजन से क्षेत्र में धार्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जागरण को नई दिशा मिली।उमेश चंद्र यादव ने कहा कि सवा करोड़ गायत्री मंत्र जाप का अनुष्ठान और 11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ। गाँव में सवा करोड़ गायत्री मंत्र के जाप का संकल्प लिया गया था, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसी के उपलक्ष्य में 11 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया है।
यह कार्यक्रम शांतिकुंज, हरिद्वार में परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा स्थापित अखंड दीप के शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शाम को दीप महायज्ञ का आयोजन होगा। विभिन्न प्रकार के संस्कार (जैसे मुंडन, जनेऊ आदि) निःशुल्क कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ हर वर्ष धार्मिक आयोजन होते हैं। पिछले वर्षों में 51 कुण्डीय और 9 कुण्डीय यज्ञ भी संपन्न हो चुके हैं। अखंड जाप का यह कार्यक्रम 27 दिसंबर से 19 जनवरी (कुल 24 दिन) तक दिन-रात लगातार चला, जिसमें शांतिकुंज हरिद्वार की टोली और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को सेवा, जनकल्याण, नशा उन्मूलन और दहेज जैसी कुरीतियों से दूर रहने की शिक्षा देना है, ताकि समाज और व्यक्ति दोनों का उत्थान हो सके।
