आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने प्रदेश की शीर्ष प्राथमिकता वाली फार्मर रजिस्ट्री योजना का गंभीरता से निरीक्षण किया। उन्होंने ब्लॉक जहानागंज के ग्राम मित्तूपुर और दौलताबाद में जाकर किसानों से फॉर्मर रजिस्ट्री में आ रही समस्याओं की जानकारी ली।
मित्तूपुर में 600 किसानों में से 271 की रजिस्ट्री बाकी थी। ग्राम पंचायत सहायक ने बताया कि आधार व खतौनी में नाम में भिन्नता और फिंगर प्रिंट न होने के कारण रजिस्ट्री नहीं बन पाई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बचे किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जाए।
जिलाधिकारी ने कुछ किसानों की सूची एडीओ कृषि से सत्यापित करवाई। पता चला कि कुछ जनपद के बाहर थे, कुछ के पास अभिलेख नहीं थे, और कई को जानकारी ही नहीं दी गई थी। कुछ किसानों ने शिकायत की कि सीएससी वाले 100 रुपये लेकर बार-बार दौड़ाते हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।


फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही करने वाले अधिकारियों का एक दिन का वेतन काटने और प्रशिक्षण व प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिदिन कम से कम 10 ग्रामों का भ्रमण किया जाए और भ्रमण रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा वेतन रोका जाएगा और प्रमुख सचिव को भी सूचित किया जाएगा।

दौलताबाद में 859 किसानों में से केवल 448 की रजिस्ट्री बनी थी। कई किसानों ने जानकारी न मिलने और भूलेख पर पुराना डाटा दिखने की शिकायत की। तहसीलदार और लेखपालों को निर्देश दिए गए कि वरासत के मामलों का तत्काल निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी सीएससी संचालकों को निर्धारित फीस लेने और किसानों को दौड़ाने से रोकने के निर्देश दिए। उप कृषि निदेशक, डीसी मनरेगा और जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारी निरीक्षण में मौजूद रहे।