आज़मगढ़। बॉम्बे हाईकोर्ट ने माफिया डॉन व 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी गैंगस्टर अबू सलेम की आपात पैरोल याचिका खारिज कर दी। सलेम ने आज़मगढ़ जिले में अपने पैतृक घर सरायमीर के पठान टोला पर भाई के चालीसवें में शामिल होने के लिए पैरोल मांगी थी, लेकिन सुरक्षा एस्कॉर्ट के खर्च का भुगतान न कर पाने का हवाला देने पर अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया।
अबू सलेम जेल में है और 25 साल की सजा काट रहा है। उसने अपने बड़े भाई अबू हकीम अंसारी के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए 15 नवंबर को जेल प्रशासन से 14 दिन की आपात पैरोल के लिए आवेदन किया था। सलेम के वकील ने दलील दी कि उच्च सुरक्षा एस्कॉर्ट शुल्क का भुगतान करना उसके लिए संभव नहीं है। जेल प्रशासन ने 20 नवंबर को पैरोल देने से इंकार कर दिया।
हाईकोर्ट की पीठ, जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक ने यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा शुल्क का भुगतान अनिवार्य है और इसमें मोलभाव नहीं किया जा सकता। इस आधार पर सलेम की याचिका खारिज कर दी गई।
गौरतलब है कि अबू सलेम के बड़े भाई, 55 वर्षीय अबू हकीम उर्फ चुनचुन अंसारी की बीमारी के कारण 14 नवंबर 2025 को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। भाई की मृत्यु का हवाला देते हुए अबू सलेम ने 14 दिनों की पैरोल मांगी थी। इससे पहले अक्टूबर 2007 में अपनी मां के निधन पर अबू सलेम एक दिन की पैरोल पर आजमगढ़ आया था और अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट गया था। इसके बाद मां के चालीसवें में शामिल होने के लिए भी उसने एक दिन की पैरोल पर सरायमीर आने का प्रयास किया था।
