आजमगढ़। विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने सोमवार को सदन में नियम 115 और नियम 110 के तहत दो अलग-अलग लोक महत्व के मुद्दे उठाते हुए मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सख्ती और अधूरे स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण को शीघ्र पूरा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि तेज आवाज वाले साइलेंसरों से आमजन परेशान हैं, वहीं कई स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्र अधूरे पड़े होने से जनता को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने सदन में कहा कि प्रदेश सरकार सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था के लिए लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई से दुर्घटनाओं में कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बाइकों का खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर तेज रफ्तार बाइकों की कानफोड़ू आवाज से आमजन दहशत में आ जाते हैं। बाइकर गैंग और कुछ शौकिया चालक मूल साइलेंसर हटाकर मॉडिफाइड साइलेंसर लगा रहे हैं, जिनसे 80 डेसिबल से अधिक ध्वनि निकलती है। कई साइलेंसर ‘बुलेट’ और ‘पटाखे’ जैसी आवाज निकालते हैं, जिससे ध्वनि और वायु प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं।


नियम 110 के अंतर्गत प्रमुख सचिव, विधान परिषद को दी गई सूचना में उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ योजना सहित नए सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। आजमगढ़ जनपद में 18 नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति और कार्यदायी संस्थाएं तय होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरा है या शुरू ही नहीं हुआ है। जहानागंज ब्लॉक के धरवारा में भूमि उपलब्ध न होने से कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मार्टीनगंज, मोहम्मदपुर, मिर्जापुर तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊंची गोदाम, महुआ, मुरारपुर, खरिहानी और कुशलगांव में निर्माण अधूरा है। कई अन्य स्थानों पर 60 से 80 प्रतिशत तक ही कार्य प्रगति पर है।
निर्माण पूरा न होने से स्वास्थ्य केंद्रों का हस्तांतरण स्वास्थ्य विभाग को नहीं हो पा रहा है, जिससे वे संचालित नहीं हो पा रहे हैं और आमजन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। एमएलसी ने सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की।