आजमगढ़ । जिले में हुए अलग-अलग सड़क हादसों में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। शहर के जुनेदगंज बाईपास, कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एनएच-233 और सिधारी क्षेत्र में हुए इन हादसों से परिवारों में मातम पसर गया। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पहला हादसा शहर के जुनेदगंज बाईपास मार्ग पर हुआ। आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के चक्की हाजी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगेश, जो बैंकाक में रहकर काम करते थे, चार-पांच माह पूर्व घर आए थे और दो माह बाद वापस जाने वाले थे। मंगलवार को वह अपनी बहन रेखा के घर रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटवा गांव जा रहे थे। जीयनपुर में किसी से मिलने के बाद जब वह बाइक से आगे बढ़े तो जुनेदगंज के पास बस को ओवरटेक करते समय सामने से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। ट्रक का पहिया उनके पेट और पैर को कुचलते हुए निकल गया। चालक वाहन सहित फरार हो गया। गंभीर हालत में उन्हें मंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
दूसरी घटना कप्तानगंज थाना क्षेत्र के जेहरा पिपरी मोड़ के।समीप एनएच-233 पर हुई। जमुआ हरिराम गांव निवासी 25 वर्षीय धीरेंद्र कुमार, जो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पास सिलाई मशीन मरम्मत की दुकान चलाते थे, मंगलवार शाम करीब पांच बजे दुकान से घर लौट रहे थे। जेहरा पिपरी तिराहे से 100 मीटर पश्चिम एनएच-233 पर तेज रफ्तार चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वह दो भाइयों और तीन बहनों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई दिल्ली में नौकरी करते हैं और वह मां ज्ञानमती के साथ घर पर रहते थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तीसरा हादसा सिधारी थाना क्षेत्र के चक बिरंदा गांव निवासी 35 वर्षीय चंद्रशेखर के साथ हुआ। परिजनों के अनुसार सोमवार अपराह्न करीब 2:30 बजे वह अपने ससुराल बरामदपुर उचैगांव से बाइक से घर लौट रहे थे।
बेलहठा-सिधारी मार्ग पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से टकरा गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक दो पुत्रों के पिता थे और मुंबई में चूड़ी बनाने का काम करते थे। थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
