आजमगढ़। जिले की बेटी ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। सगड़ी तहसील क्षेत्र की रहने वाली पैरा तैराक जिया राय ने अखिल भारतीय स्तर की समुद्री तैराकी प्रतियोगिता में असाधारण प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास रच दिया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।
सगड़ी तहसील के कटाई अलीमुद्दीनपुर निवासी 18 वर्षीय पैरा तैराक जिया राय ने 25 फरवरी को आयोजित वीर सावरकर अखिल भारतीय समुद्री तैराकी प्रतियोगिता में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 16 समुद्री मील (लगभग 28 किलोमीटर) की दूरी मात्र 6 घंटे 10 मिनट में पूरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह प्रतियोगिता गुजरात के आद्री तट से शुरू होकर वेरावल में समाप्त हुई।
जिया के पिता मदन राय ने बताया कि इस प्रतियोगिता का आयोजन गुजरात सरकार के खेल, युवा एवं सांस्कृतिक गतिविधि विभाग द्वारा किया गया था। इस प्रतियोगिता में जिया राय सामान्य वर्ग की इस चुनौतीपूर्ण समुद्री तैराकी को पूरा करने वाली भारत की पहली महिला पैरा तैराक बन गई हैं।
प्रतियोगिता में कुल सात लड़कियों और 18 लड़कों ने भाग लिया। दौड़ पूरी करने पर जिला युवा एवं विकास अधिकारी एचडी मखवाना ने जिया को प्रमाण पत्र और पदक देकर सम्मानित किया। पिता ने बताया कि जिया ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से पीड़ित होने के बावजूद खुले समुद्र में तैराकी की विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं।
जिया राय इससे पहले पाल्क स्ट्रेट (2022), इंग्लिश चैनल (2024) और कैटालिना चैनल (2025) जैसी अत्यंत कठिन समुद्री तैराकियों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं। वह इन तीनों प्रमुख चैनलों को पार करने वाली दुनिया की सबसे कम उम्र और सबसे तेज महिला पैरा तैराकों में शामिल हैं। विशेष रूप से, चैनल तैराकी के 150 वर्षों के इतिहास में जिया राय ऑटिज़्म से पीड़ित पहली लड़की हैं जिन्होंने इंग्लिश चैनल और कैटालिना चैनल दोनों को सफलतापूर्वक पार किया है।
जिया राय को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (2022), राष्ट्रीय दिव्यांगजन सशक्तीकरण पुरस्कार (2023) तथा विश्व ओपन वाटर तैराकी संघ अवार्ड (2024) से सम्मानित किया जा चुका है। अब तक वह 35 से अधिक स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं और कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर देश व क्षेत्र का गौरव बढ़ा चुकी हैं। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
