आज़मगढ़। प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आजमगढ़, मऊ और बलिया जिले में रविवार से मंगलवार तक बारिश, मेघगर्जन और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं तेज धूप के कारण तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले में बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिन में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार को जिले का न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव के कारण दिन में गर्मी और रात में हल्की ठंडक का मिश्रित असर देखने को मिल रहा है। तेज धूप के चलते दोपहर के समय सड़कों और बाजारों में भीड़ भी कम दिखाई दे रही है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और गर्मी से बचाव के लिए छाता, गमछा और पानी की बोतल का सहारा ले रहे हैं।
वहीं खेतों में सरसों की फसल लगभग पककर तैयार हो चुकी है। अगेती सरसों की कटाई भी कई जगह पूरी हो गई है, जबकि पछेती सरसों कहीं-कहीं अभी हरी है। मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए किसान तेजी से अपनी फसल समेटने में जुट गए हैं। किसान सरसों की थ्रेसिंग कराकर उसे सुरक्षित रखने की तैयारी कर रहे हैं।
मौसम विभाग के अनुसार मऊ और बलिया में रविवार से मंगलवार तक बारिश, मेघगर्जन और ओलावृष्टि के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वहीं सोमवार से मंगलवार तक आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलों में भी ऐसे ही हालात रहने का अनुमान जताया गया है।
अगर इस दौरान ओलावृष्टि होती है तो खेतों में तैयार खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। सरसों, गेहूं और चना की फसल इस समय पकने की अवस्था में है। ऐसे में ओले पड़ने से फसलों के दाने खेत में ही फूट सकते हैं और किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
अतुल कुमार सिंह, प्रभारी राज्य मौसम विभाग ने बताया कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15 मार्च से पूर्वांचल के कुछ भागों में इस सीजन में पहली बार बारिश होने की संभावना है। तेज हवा और बारिश के साथ तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी।
