अतरौलिया/ आज़मगढ़। क्षेत्र के पंचपेड़वा आश्रम (बड़का खपुरा) में आयोजित नव दिवसीय श्री हरिहरात्मक महायज्ञ के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अंतिम दिन रावण वध और राम राज्याभिषेक की कथा सुनने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पंडाल में जुट गए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रयागराज से पधारे मानस मर्मज्ञ कथावाचक विनोदानंद सरस्वती ने महायज्ञ के अंतिम दिन रावण वध और राम राज्याभिषेक का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का वध कर सत्य और धर्म की विजय का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने रामराज्य का वर्णन किया, जो न्याय, समानता और सुख-शांति का प्रतीक है।
कथा सुनने वाले श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे पंडाल में “जय श्रीराम” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। महायज्ञ का आयोजन पंडित कल्पनाथ दास स्मारक सेवा संस्थान के तत्वावधान में किया गया, जिसकी 37वीं वर्षगांठ पर सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आयोजक पंडित चंद्रेश जी महाराज ने बताया कि यह महायज्ञ जनकल्याण, लोककल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
