रिपोर्ट____SP त्रिपाठी

आजमगढ़। जिले में शासन की ओर से चिकित्सकों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगाई गई है। इसके बाद भी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस से बाज नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को इस बात का खुलासा उस समय हुआ जब एक निजी अस्तपाल में तकादा करने आए दुकान के एजेंट के साथ मारपीट हो गई। हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों में सुलह कराकर मामले को रफा दफा कर दिया। पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के दलालघाट रोड कदमघाट पर स्थित आई पी सिटी हॉस्पिटल में मंगलवार को मुकेरीगंज निवासी अभिषेक शर्मा एक लाख 26 हजार 614 रुपये की वसूली के लिए पहुंचे। जहां उनके साथ मारपीट की गई है। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह उक्त अस्पताल में बकाया रकम की वसूली के लिए पहुंचे ताे चिकित्सक डा. नवनीत गुप्ता द्वारा उनके साथ मारपीट गई। उनके साथ गाली गलौज की गई और रुपया न देने की धमकी दी गई। इसके साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। आपको बता दें कि डा. नवनीत गुप्ता पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष के पुत्र और पूर्व नगर पालिका प्रत्याशी के भाई हैं। मामला जब कोतवाली पहुंचा तो अस्पताल संचालक का प्रभाव कहें या कुछ और पुलिस ने मामले को सुलह समझौता कराकर रफा दफा कर दिया। इस संबंध में सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि ऐसा मामला सामने आया था लेकिन दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। इसलिए इस मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। डाॅ. नवनीत गुप्ता की तैनाती मंडलीय जिला चिकित्सालय के कमरा नंबर छह में एक फिजिशियन के तौर पर है। सुबह 10 बजे की घटना है। ऐसे में चिकित्सक द्वारा उक्त व्यक्ति से अस्पताल में मरीज का इलाज के समय एक बकाएददार से मारपीट करना बड़ा सवाल खड़ा करता है। वहीं इस मामले पर मंडलीय जिला चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. सतीश कन्नौजिया का कहना है कि डा. नवनीत गुप्ता की तैनाती अगर एडहाॅक पर है तो मैं इस संबंध में कुछ नहीं बता सकता। इस संबंध में सीएमओ ही कुछ बता सकते हैं। वैसे अगर संविदा पर भी उनकी तैनाती है तो आठ बजे से दो बजे तक उनका ओपीडी में रहना अनिवार्य है। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा का कहना है कि मंडलीय अस्पताल की जिम्मेदारी एसआईसी है। चिकित्सकों का प्राइवेट प्रैक्टिस करना गलत है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।