रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जनपद में सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्गों और चकमार्गों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा अथवा फर्जी दस्तावेजों के जरिए राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन द्वारा की गई जांच में सरायमीर क्षेत्र के कोठिया निवासी राजेन्द्र यादव द्वारा चकमार्ग पर अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आया। बताया गया कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने पहले ही उन्हें चकमार्ग पर कब्जा न करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने रात के समय बार्जा और पोर्च का निर्माण कर चकमार्ग पर कब्जा कर लिया। इससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और आम लोगों के आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। इस मामले में थाना सरायमीर में मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं दूसरे मामले में दयाराम यादव, निवासी अल्लीपुर तहसील निजामाबाद, द्वारा चकमार्ग पर मिट्टी डालकर ट्रैक्टर खड़ा करने तथा पानी बहाकर रास्ता अवरुद्ध करने की शिकायत मिली। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लेखपाल की तहरीर पर थाना रानी की सराय में एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। तीसरे मामले में अभय यादव, निवासी दवईत तहसील मेंहनगर, पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से सहखातेदार के रूप में अपना नाम दर्ज कराने का आरोप सिद्ध हुआ। राजस्व विभाग की जांच में अनियमितता मिलने के बाद संबंधित राजस्व निरीक्षक ने उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने स्पष्ट कहा कि जनपद में सरकारी भूमि, सार्वजनिक मार्गों, चकमार्गों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम की इस कार्रवाई से अवैध कब्जेदारों और फर्जी अभिलेख तैयार कर सरकारी जमीन पर दावा करने वालों में हड़कंप मच गया है।