
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देश पर तहसील मेहनगर प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के तीन मामलों में एफआईआर दर्ज कराई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चारागाह, पोखरी, बाहा, बंजर तथा अन्य सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा या निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उप जिलाधिकारी मेहनगर भूपाल सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग द्वारा की गई जांच में कई स्थानों पर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण की पुष्टि हुई। इसके बाद संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की गई। जांच में ग्राम लौदह ईमादपुर निवासी पंकज पुत्र श्यामा द्वारा चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आया। इस पर संबंधित के विरुद्ध धारा 173 बीएनएसएस एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वहीं ग्राम जाफरपुर निवासी सल्टन पुत्र सुखदेव चौहान और जियालाल पुत्र कालीचरन द्वारा बाहा खाते की भूमि पर अवैध निर्माण किए जाने की पुष्टि होने पर दोनों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा ग्राम सरदागंज निवासी बद्री विशाल पुत्र दुनम पर पोखरी खाते की भूमि पर अवैध निर्माण कर अतिक्रमण करने का आरोप सिद्ध होने पर एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन ने अतिक्रमित भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। चारागाह, पोखरी, सड़क, बंजर या अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान करने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने आमजन से भी अपील की है कि सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
