रिपोर्ट_____राजू कुमार

आजमगढ़। जिले में वीरांगना महारानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर बुधवार को अतरौलिया स्थित डाक बंगला परिसर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) एवं गोंड समाज के संयुक्त तत्वावधान में श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने महारानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए अरुण राजभर ने कहा कि महारानी दुर्गावती का अदम्य साहस, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है और उनके शौर्य व संघर्ष को देश कभी नहीं भूल सकता। आगे उन्होंने कहा कि जो समाज अपने इतिहास, महापुरुषों और पूर्वजों के योगदान को भूल जाता है, वह विकास की राह पर आगे नहीं बढ़ सकता। गोंड समाज सहित अन्य वंचित वर्गों का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से महारानी दुर्गावती के आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, समरसता और जनसेवा की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। इस दौरान अरुण राजभर ने क्षेत्रीय विकास और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अतरौलिया क्षेत्र में वर्षों से जनप्रतिनिधि चुने जाते रहे हैं, लेकिन गांवों में अपेक्षित विकास नहीं दिखाई देता। उनका दावा था कि गरीब और कमजोर वर्ग आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव चाहती है और क्षेत्र के विकास के लिए नई सोच के साथ आगे बढ़ने को तैयार है। वहीं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं, बल्कि विकास और जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने महारानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने तथा समाज के शोषित, वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।